उत्तर प्रदेश के जिला मेरठ में चोरी की एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। डिफेंस कॉलोनी में स्पोर्ट्स कारोबारी के घर काम करने वाली घरेलू सहायिका ने कुक के साथ मिलकर करीब दो करोड़ रुपये की चोरी की साजिश रची। आरोप है कि बुजुर्ग महिला को खाने में नींद की गोली मिलाकर बेहोश कर दिया गया और इसके बाद घर में रखे कीमती जेवर, नकदी और दुर्लभ पुराने सिक्के समेट लिए गए। चोरी के बाद माल को मेरठ से सहारनपुर होते हुए हरियाणा तक पहुंचाने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, गंगानगर पुलिस और स्वाट टीम ने मामले का खुलासा करते हुए घरेलू सहायिका समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने करीब दो करोड़ रुपये का चोरी का सामान और 3.56 लाख रुपये नकद बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के मुताबिक, स्पोर्ट्स कारोबारी आशुतोष भल्ला के डिफेंस कॉलोनी स्थित घर में जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल की रहने वाली रोशनी ओराओन घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थी। घर में लंबे समय से काम करने के कारण उसे परिवार की दिनचर्या, सामान और कीमती वस्तुओं की पूरी जानकारी थी। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने घर के कुक जितेंद्र कुमार के साथ मिलकर चोरी की योजना तैयार की।आरोप है कि वारदात को अंजाम देने के लिए कारोबारी की बुजुर्ग मां के खाने में नींद की गोली मिला दी गई। खाना खाने के बाद महिला बेहोश हो गईं। इसी दौरान जितेंद्र ने घर में रखे कीमती जेवर, नकदी और दुर्लभ पुराने सिक्के एक बैग में भर लिए। इसके बाद यह बैग रोशनी के माध्यम से घर से बाहर पहुंचा दिया गया।
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दस दिन बाद मामला शांत होने का था भरोसा
पुलिस पूछताछ में रोशनी ने बताया कि जितेंद्र ने उसे भरोसा दिलाया था कि चोरी की घटना के करीब दस दिन बाद मामला शांत हो जाएगा। इसके बाद चोरी की नकदी और जेवर आपस में बराबर बांट लिए जाएंगे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने फिल्म दृश्यम-3 देखकर चोरी की पटकथा तैयार की थी, ताकि वारदात के बाद पुलिस को गुमराह किया जा सके।
प्रेमी के मोबाइल नंबर से खुलने लगी पूरी कहानी
चोरी की जांच के दौरान पुलिस ने घरेलू सहायिका रोशनी के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लेकर पड़ताल शुरू की। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस उसके प्रेमी तक पहुंच गई। इसके बाद रोशनी को गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ में कुक जितेंद्र कुमार की भूमिका सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में चोरी के सामान को ठिकाने लगाने में शामिल अन्य लोगों के नाम भी सामने आए। पुलिस के मुताबिक, रोशनी ने चोरी से भरा बैग जितेंद्र की बहन मीनू को दिया था। मीनू, प्रदीप की पत्नी है। इसके बाद मीनू ने बैग अपने पूर्व पति मनीष कुमार उर्फ मन्नू के पास सहारनपुर पहुंचा दिया। इस तरह चोरी का सामान मेरठ से सहारनपुर और फिर हरियाणा तक पहुंचाने की कोशिश की गई।
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चार आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों का सामान बरामद
एसएसपी बीबीटीजीएस मूर्ति के मुताबिक, गंगानगर पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने घरेलू सहायिका रोशनी, कुक जितेंद्र समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर करीब दो करोड़ रुपये कीमत के जेवर, कीमती सामान और पुराने सिक्के बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 3.56 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए हैं।
घर में काम करने वालों पर भरोसा कर कारोबारी परिवार ने कभी अंदाजा नहीं लगाया था कि घर के भीतर ही इतनी बड़ी चोरी की साजिश तैयार हो रही है। बुजुर्ग महिला को बेहोश कर करोड़ों का सामान पार करने की इस वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।
