संजय सिंह, पटना । मुजफ्फरपुर जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की है। वहां टीम को नकली आयुर्वेदिक सामान बनाने वाली एक अवैध मिनी फैक्ट्री का पता चला है। छापेमारी के दौरान मौके से नकली आयुर्वेदिक उत्पाद बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, कच्चा माल और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई से इलाके में अवैध कारोबार करने वालों के बीच हड़कंप मच गया है।

 

जानकारी के अनुसार, बरियारपुर थाना क्षेत्र के छपरा बहोर गांव में मुखिया चौक के पास उमंग वटी नामक नकली आयुर्वेदिक उत्पाद तैयार किए जाने की गुप्त सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना के सत्यापन के बाद सकरा पुलिस और राजस्व अधिकारी की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित ठिकाने पर छापेमारी की। इस दौरान नकली आयुर्वेदिक उत्पाद बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और मशीनें बरामद की गईं।

 

यह भी पढ़ें:  PVR में इस्तेमाल किए गए कप में दे रहे थे ड्रिंक, फूड सेफ्टी विभाग ने किया बंद

रंजन महतो चला रहा था अवैध कारोबार

पुलिस के अनुसार, इस अवैध कारोबार का संचालन वैशाली जिले के गंगाब्रिज थाना क्षेत्र अंतर्गत तेरसिया निवासी रंजन महतो द्वारा कथित रूप से किया जा रहा था। रंजन ने छपरा बहोर गांव में मुखिया चौक के पास एक किराए के मकान में मिनी फैक्ट्री खोल रखी थी।बताया जा रहा है कि यहां पर उमंग वटी के नाम से नकली आयुर्वेदिक दवा बनाई जाती थी। इस दवा को बाजार में असली बताकर बेचा जाता था।

 

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में कच्चा माल, तैयार नकली टैबलेट, पैकिंग मशीन, मिक्सर मशीन, रैपर, डिब्बे, लेबल और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस ने फैक्ट्री को सील कर दिया है। बरामद सामान को जब्त कर लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, इस फैक्ट्री में सस्ते कच्चे माल से नकली आयुर्वेदिक टैबलेट बनाई जाती थी। इसको आकर्षक पैकिंग में पैक करके बाजार में भेजा जाता था। इस नकली दवा को कई जिलों में सप्लाई किया जाता था। ग्रामीण इलाकों में इस दवा की खूब बिक्री होती थी। लोग इसे असली आयुर्वेदिक दवा समझकर खरीदते थे।

लोगों की सेहत से हो रहा था खिलवाड़

नकली आयुर्वेदिक दवा से लोगों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा था। बिना किसी जांच और लाइसेंस के बनाई जा रही इस दवा को खाने से लोगों को गंभीर बीमारी हो सकती थी। डॉक्टरों का कहना है कि नकली दवा खाने से किडनी, लीवर और पेट की बीमारी हो सकती है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। पुलिस रंजन और उसके सहयोगियों की तलाश कर रही है। 

 

पुलिस का कहना है कि इस अवैध कारोबार में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस उनके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध कारोबार करने वालों के बीच हड़कंप मच गया है। कई लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। इस छापेमारी में सकरा पुलिस के साथ-साथ राजस्व विभाग की टीम भी शामिल थी। राजस्व अधिकारी ने मौके पर ही पंचनामा तैयार किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस फैक्ट्री के बारे में पहले भी शिकायत की गई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इस बार गुप्त सूचना पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।

 

यह भी पढ़ें: धनतेरस की रात 15 राउंड फायरिंग, पार्किंग विवाद में पड़ोसी ने शख्स की कर दी हत्या

क्या कहते हैं अधिकारी?

बरियारपुर थानाध्यक्ष ने कहा कि नकली दवा बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा रही है।उन्होंने कहा कि इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस बरामद सामान की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नकली दवा को कहां-कहां सप्लाई किया गया था। पुलिस ने कहा कि जल्द ही इस मामले में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।