रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित भविष्य के लिए जुटाई गई रकम को कारोबार में लगाने का भरोसा एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी को भारी पड़ गया। शिमला में दवा कारोबार के विस्तार के नाम पर उनसे 36.70 लाख रुपये लेने और पूरी रकम वापस नहीं करने का आरोप सामने आया है। शिकायत के आधार पर छोटा शिमला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के मुताबिक, नवंबर 2024 में एक परिचित के माध्यम से सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी की मुलाकात सुनील कुमार नामक व्यक्ति से हुई। आरोपी ने खुद को दवा कारोबार से जुड़ा कारोबारी बताते हुए कारोबार बढ़ाने के लिए आर्थिक मदद की जरूरत बताई। शिकायतकर्ता के अनुसार कारोबारी की बातों पर विश्वास करते हुए उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद मिली रकम और जीवनभर की बचत में से अलग-अलग समय पर आठ चेक के जरिए कुल 36.70 लाख रुपये दिए।
13.10 लाख लौटाए, 23.60 लाख अब भी बकाया
शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी ने पूरी राशि लौटाने में आनाकानी शुरू कर दी। अब तक 13.10 लाख रुपये वापस किए गए हैं, जबकि 23.60 लाख रुपये अभी बकाया बताए जा रहे हैं। रकम वापस न मिलने के कारण शिकायतकर्ता को अपनी आर्थिक जरूरत पूरी करने के लिए मोहाली में मकान निर्माण के लिए होम लोन तक लेना पड़ा। मामले में शिकायतकर्ता ने रकम वापस मांगने पर धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिली, जिसके बाद उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता है। शिकायत में आरोपी के अन्य लोगों से भी इसी तरह रकम लेने का आरोप लगाया गया है।
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कारोबारी नेटवर्क और बैंक खातों की जांच की मांग
सेवानिवृत्त अधिकारी ने पुलिस से आरोपी के दवा कारोबार, दवा आपूर्ति से जुड़े लेनदेन, बैंक खातों, संपत्तियों और वित्तीय गतिविधियों की जांच करने की मांग की है। साथ ही इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच का आग्रह किया गया है। शिकायत के आधार पर छोटा शिमला थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 351(3) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस अब शिकायत में बताए गए वित्तीय लेनदेन और अन्य आरोपों की जांच कर रही है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
