महाराष्ट्र के नवी मुंबई में हुए लूटकांड का कनेक्शन बिहार से जुड़ गया है। बिहार स्पेशल टास्क फोर्स STF ने अंतरराज्यीय अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लूटकांड के कथित सरगना को बिहार के मोतिहारी से गिरफ्तार किया है। यह मामला नवी मुंबई के खारघर में करीब एक करोड़ रुपये के डायमंड और गोल्ड लूट से जुड़ा है। पकड़े गए आरोपी का नाम श्रीराम साह है, जो छतौनी थाना क्षेत्र के बरियारपुर का रहने वाला है।
महाराष्ट्र में लूट को अंजाम देने के बाद वह पुलिस की नजरों से बचकर मोतिहारी आकर छिपा हुआ था। सूचना मिलते ही STF ने देर रात उसके ठिकाने की घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ बड़ी मात्रा में सोने, हीरे और प्लेटिनम के आभूषण लगे हैं। इस गिरफ्तारी के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा है और अंतरराज्यीय शटरकटवा गिरोह के नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
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महाराष्ट्र पुलिस लगातार कर रही थी तलाश
पुलिस के मुताबिक खारघर थाने में 11 अगस्त को डायमंड और गोल्ड लूटकांड का मामला दर्ज किया गया था। महाराष्ट्र पुलिस लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी, लेकिन वह बिहार भाग आया था। बिहार STF को गुप्त सूचना मिली कि खारघर लूटकांड का मुख्य आरोपी मोतिहारी में अपने घर पर छिपा है। सूचना मिलते ही STF ने पूर्वी चंपारण पुलिस के साथ मिलकर उसके संभावित ठिकाने की घेराबंदी की। शुक्रवार देर रात पुलिस ने बरियारपुर स्थित उसके घर पर छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को उसके पास से भारी मात्रा में जेवरात मिले। बरामद सामान का कुल वजन करीब 99.31 ग्राम बताया गया है। इसके अलावा आरोपी के पास से 90 हजार रुपये नकद और 1170 नेपाली रुपये भी बरामद किए गए हैं। बरामदगी में 17 हीरा और सोने की अंगूठियां, सोने की अंगूठी, लॉकेट, कान का स्टड, प्लेटिनम चेन, ब्रेसलेट का टुकड़ा और रिंग समेत कई कीमती जेवर शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि बरामद माल सिर्फ खारघर लूटकांड का हिस्सा है या इसमें शटरकटवा गिरोह की दूसरी वारदातों की काली कमाई भी शामिल है।
आरोपी पर पहले से दर्ज हैं लूट-चोरी के मामले
पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपी श्रीराम साह शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में गृह-भेदन यानी घर में घुसकर चोरी और लूट के तीन मामले दर्ज हैं। इससे उसके अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका और गहरी हो गई है। पुलिस के अनुसार श्रीराम साह शटरकटवा गिरोह का सक्रिय सदस्य है। यह गिरोह घरों के शटर और ताले तोड़कर जेवरात और नकदी की चोरी करता है।
गिरोह के सदस्य एक राज्य में वारदात को अंजाम देकर दूसरे राज्य में भाग जाते हैं, ताकि पुलिस को चकमा दिया जा सके। श्रीराम साह भी इसी तरीके से काम करता था। खारघर में लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद वह सीधे मोतिहारी आ गया था और यहां छिपकर जेवर खपाने की फिराक में था। एसटीएफ की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इससे अंतरराज्यीय लूटकांड का खुलासा हुआ है।
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क्या नेपाल से भी है कनेक्शन?
अब जांच का फोकस गिरोह के दूसरे किरदारों पर है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि खारघर से लूट का माल मोतिहारी तक कैसे पहुंचा, किसने आरोपी को पनाह दी और जेवर खपाने में कौन मददगार था। पुलिस को शक है कि मोतिहारी में भी उसके कुछ साथी सक्रिय हैं, जो चोरी के जेवर को बाजार में बेचने में मदद करते हैं। इसके अलावा, बरामद हुए नेपाली रुपये से यह भी आशंका जताई जा रही है कि गिरोह का कनेक्शन नेपाल तक हो सकता है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद मुंबई पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई है।
मुंबई पुलिस अब उससे गहन पूछताछ करेगी। पूछताछ में गिरोह, लूट के माल और अपराध के पूरे नेटवर्क से जुड़े अहम राज खुलने की उम्मीद है। पुलिस को उम्मीद है कि श्रीराम साह की गिरफ्तारी से खारघर लूटकांड के साथ-साथ कई अन्य अनसुलझे मामलों का भी खुलासा हो सकता है। बिहार एसटीएफ ने कहा है कि अंतरराज्यीय अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
