हरियाणा के फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ स्थित फतेहपुर बिल्लौच गांव की ललिता ने अटल किसान-मजदूर कैंटीन से जुड़कर अपनी जिंदगी बदल ली है। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (HSRLM) के तहत बने इस स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाओं को आजीविका का साधन मिल रहा है।

ललिता बताती हैं कि इस कैंटीन में मात्र 10 रुपए में थाली दी जाती है, जिस पर सरकार 15 रुपए की सब्सिडी देती है। इससे समूह को हर महीने 40 से 50 हजार रुपए तक की आमदनी हो जाती है। कैंटीन में रोजाना 300 से साढ़े 300 प्लेट खाना तैयार किया जाता है।

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2016 में शुरू हुआ सफर

ललिता बताती हैं कि साल 2016 में वह इस समूह से जुड़ी थीं। पहले वे 10वीं पास थीं लेकिन समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा किया। समूह ने बैंक में बचत खाता खोला और सरकार की ओर से मिले 10 हजार रुपए के स्टार्टअप फंड से शुरुआत की।

 

समय के साथ समूह की जरूरतें बढ़ीं और लोन की राशि भी बढ़ती गई। 2018 में डेढ़ लाख रुपए का लोन पास हुआ, फिर तीन लाख और उसके बाद पांच लाख रुपए का लोन मिला। वर्तमान में समूह पर 10 लाख रुपए का लोन चल रहा है, जिसमें 10 बहनें जुड़ी हुई हैं और सभी अपनी आजीविका चला रही हैं।

 

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नायब सैनी का मॉडल कैसे बदल रहा जिंदगी?

ललिता ने बताया कि रसोई का सारा सामान सरकार की ओर से उपलब्ध कराया जाता है, जिससे समूह को नियमित आमदनी होती रहती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताया।

महिलाओं CM को क्यों शुक्रिया कह रहीं हैं?

ललिता के मुताबिक इन्हीं योजनाओं की वजह से उन्होंने बचत करना और पढ़ाई करना सीखा, साथ ही आजीविका का साधन भी मिला। फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में चल रही यह कैंटीन हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और अटल किसान-मजदूर कैंटीन योजना की सफलता की एक मिसाल बनकर सामने आई है। महिलाओं ने मुख्यमंत्री नायब सिंह को शुक्रिया कहा है।