संजय सिंह, पटना। दार्जिलिंग जिले के सीमाई इलाके में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 41वीं बटालियन रानीडांगा को बड़ी सफलता हाथ लगी है।
भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाके में चलाए गए विशेष ऑपरेशन के दौरान एसएसबी ने 103.8 ग्राम संदिग्ध ब्राउन शुगर के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में यह मामला सीमाई क्षेत्र में सक्रिय बड़े ड्रग्स नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है।
भारी मात्रा में संदिग्ध ब्राउन शुगर बरामद
गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए एनएच-327 ई के पास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। इसी दौरान कादोमनी जोत की क्विक रिस्पॉन्स टीम ने खारीबाड़ी थाना क्षेत्र के सोना चांदी गांव के समीप एक व्यक्ति को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से भारी मात्रा में संदिग्ध ब्राउन शुगर बरामद हुई, जिसके बाद मौके पर ही उसे हिरासत में ले लिया गया।
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सीमा पर बढ़ाई गई चौकसी
बताया गया कि यह कार्रवाई भारत-नेपाल सीमा से करीब 10 किलोमीटर दूर बॉर्डर पिलर संख्या 98/19 के पास की गई। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार सीमाई इलाकों में लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी की सूचनाएं मिल रही थीं, जिसके बाद एसएसबी ने निगरानी और गश्त को और तेज कर दिया था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 34 वर्षीय मोहम्मद सिराजुल हक के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के मंसुरा गांव का निवासी बताया जा रहा है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह इस पूरे नेटवर्क में महज एक कूरियर की भूमिका निभा रहा था और उसे यह खेप खोड़ीबाड़ी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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विशेष ड्रग डिटेक्शन किट का इस्तेमाल
एसएसबी अधिकारियों के मुताबिक, बरामद पदार्थ की पुष्टि के लिए स्निफर डॉग और विशेष ड्रग डिटेक्शन किट का इस्तेमाल किया गया। जांच के दौरान दोनों माध्यमों से परिणाम पॉजिटिव पाए गए, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
तस्कर के पास से एक वीवो मोबाइल फोन, वोटर आईडी कार्ड तथा पैन कार्ड की फोटोकॉपी भी बरामद की गई है। जांच एजेंसियां अब मोबाइल फोन और दस्तावेजों के जरिए इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। अधिकारियों को आशंका है कि सीमाई इलाके में नशीले पदार्थों की सप्लाई का एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो युवाओं को अपने जाल में फंसा रहा है।
सिंडिकेट पर नकेल कसने की तैयारी
इस पूरे ऑपरेशन को एसएसबी के एक सब-इंस्पेक्टर और पांच जवानों की टीम ने अंजाम दिया। सीमाई क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही ड्रग्स तस्करी के बीच यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमा से सटे इलाकों में लंबे समय से नशे का कारोबार पैर पसार रहा है, जिससे युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ता जा रहा है।
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एसएसबी ने गिरफ्तार आरोपी को जब्त सामान और संदिग्ध ब्राउन शुगर के साथ खोड़ीबाड़ी थाना पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुट गई है। अधिकारियों का दावा है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंच बनाई जाएगी।
