उत्तर प्रदेश के जिला मथुरा के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और गंभीर हो गया है। 25 वर्षीय दीपक की चौथी मंजिल से गिरकर मौत हुई थी। पोस्टमार्टम में शरीर पर कई चोटों के साथ सिर, पैर और पसली में चोट तथा हड्डियां टूटने की बात सामने आई है। सबसे अहम बात यह है कि प्राइवेट पार्ट पर कटने के निशान मिले हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ज्यादा खून बहने से मौत हुई है।

दीपक मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। करीब दो वर्ष पहले वृंदावन आए और संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद उनका नाम रसिक दुलारी शरण रखा गया। वह श्रीराधा केलिकुंज आश्रम के पास गुरुकृपा कुंज के चार मंजिला अपार्टमेंट में अन्य साधकों के साथ रह रहे थे। 25 सितंबर की सुबह वह चौथी मंजिल से नीचे गिर गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

 

यह भी पढ़ें: UP में बारिश के कहर से 63 जिले प्रभावित, 117 मकान क्षतिग्रस्त; 36 घंटे बाद राहत 

कमरे में मिला ग्राइंडर, यहीं से बढ़ी जांच

पुलिस को दीपक के कमरे से ग्राइंडर मिला है। पुलिस के अनुसार प्राइवेट पार्ट कटने के साक्ष्य भी मिले हैं। फॉरेंसिक टीम ने कमरे से मिले सामान और दूसरे साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोट किन परिस्थितियों में लगी और कमरे में मिले ग्राइंडर की घटना में क्या भूमिका थी। जांच में सामने आए CCTV फुटेज को भी अहम माना जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार सुबह करीब 10:25 बजे दीपक कमरे से बाहर निकले। इसके बाद वह कुछ समय परिसर में रहे और फिर चौथी मंजिल की छत पर पहुंचे। करीब 10:36 बजे वह छत से नीचे गिरते दिखाई दिए। पुलिस ने CCTV की DVR अपने कब्जे में ले ली है और फुटेज को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

मोबाइल और खून के नमूने भी जांच में

पुलिस ने मृतक का मोबाइल, खून का नमूना और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्य फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय दीपक की स्थिति क्या थी और उससे पहले उसके साथ क्या हुआ था। साथ रहने वाले अन्य साधकों से पूछताछ की जा रही है। दीपक के परिजनों ने भी मामले की जांच की मांग की है। परिवार की ओर से पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया गया है। परिजनों का आरोप है कि दीक्षा लेने के बाद लंबे समय तक उनका दीपक से संपर्क नहीं हो सका और मिलने के लिए वृंदावन आने के बावजूद उन्हें उससे मिलने नहीं दिया गया। पुलिस अब इन आरोपों की भी जांच कर रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

 

यह भी पढ़ें: कानपुर नगर निगम में सपा-BJP पार्षदों में मारपीट, सदन में मचा बवाल

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल

CCTV में चौथी मंजिल से गिरने की घटना सामने आने के बावजूद प्राइवेट पार्ट पर कट के निशान और कमरे से मिले ग्राइंडर ने जांच को महत्वपूर्ण बना दिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह चोट किस परिस्थिति में लगी और इसके बाद चौथी मंजिल से गिरने की घटना कैसे हुई।एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह के मुताबिक साधकों के आवास की जांच की गई है और मोबाइल फोन से फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। परिजनों का प्रार्थना पत्र भी पुलिस को मिला है। उसके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। फिलहाल पुलिस मौत की परिस्थितियों और कारणों की तह तक पहुंचने के लिए CCTV, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य, मोबाइल और प्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों के बयानों को जोड़कर जांच कर रही है।