पटना की पहचान बन चुके जेपी गंगा पथ यानी मरीन ड्राइव को अब विश्वस्तरीय स्वरूप मिलेगा। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में जेपी गंगा पथ के किनारे समग्र उद्यान, पार्किंग, कैफेटेरिया सहित अन्य विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बिहार राज्य पथ विकास निगम के एमडी सौरभ जोरवाल ने प्रेजेंटेशन के जरिए अब तक हुए काम और आगे की योजना बताई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि सभी काम तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं। साथ ही बक्सर से भागलपुर तक गंगा तट के समेकित विकास के लिए चरणबद्ध मास्टर प्लान तैयार करने को कहा।

 

प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान परियोजना के तहत कई बड़े काम प्रस्तावित हैं। इसमें वाटर मेट्रो जेट्टी, बॉटनिकल गार्डेन, बटरफ्लाई पार्क, स्पोर्ट्स ग्राउंड, पटना स्मार्ट सिटी पार्क, महिला हाट, कला ग्राम, एलसीटी घाट पर 50 दुकानें, वेस्ट टू वंडर पार्क शामिल हैं। गंगा किनारे गंदे पानी के निपटारे के लिए 25 MLD और 100 MLD के एसटीपी लगाए जाएंगे। मंदिरी नाला की कनेक्टिविटी भी इसी प्रोजेक्ट से जोड़ी जाएगी। पटना मेट्रो के कास्टिंग यार्ड और मीटिंग ग्राउंड को भी सुंदर तरीके से विकसित किया जाएगा। धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए बांस घाट और ओल्ड बांस घाट पर क्रिमेटोरियम कॉम्प्लेक्स का भी निर्माण होगा और दीघा रोटरी को नए सिरे से सजाया जाएगा ताकि ट्रैफिक सुगम हो।

हर डेढ़ किमी पर पार्किंग की व्यवस्था 

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि जेपी गंगा पथ अब सिर्फ सड़क नहीं बल्कि लोगों के घूमने-फिरने और मनोरंजन की जगह बनेगी। इसलिए सुविधाओं पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने निर्देश दिया कि गंगा पथ पर हर डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की जाए ताकि दुकानों और पार्क में आने वाले लोगों को गाड़ी खड़ी करने में कोई दिक्कत न हो और ट्रैफिक जाम की स्थिति न बने। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोईलवर एक्सप्रेस-वे को ध्यान में रखकर योजना तैयार करें। साथ ही गंगा का जलस्तर बढ़ने पर भी लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए पहले से जरूरी इंतजाम किए जाएं। जरूरत पड़ने पर गंगा किनारे फुटओवर ब्रिज भी बनाए जाएं।

 

ऐतिहासिक गोलघर को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पटना की पहचान है। इसे और सुंदर एवं आकर्षक बनाया जाए। गोलघर परिसर में कैफेटेरिया की व्यवस्था हो ताकि पर्यटक यहां रुककर गंगा का नजारा ले सकें। पटना हाईकोर्ट के पास स्थित पुराने वाटर टावर का भी जीर्णोद्धार कर उसे हेरिटेज लुक दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे प्रोजेक्ट को जनोपयोगी बनाने के लिए आम लोगों से सुझाव लिए जाएं। क्या-क्या सुविधा चाहिए, लोग कहां बैठना चाहते हैं, कहां सेल्फी प्वाइंट बने - ये सब जनता से पूछकर तय करें।

बक्सर से भागलपुर तक बनेगा गंगा तट का मास्टर प्लान

बैठक में सबसे बड़ा ऐलान बक्सर से भागलपुर तक गंगा तट के विकास को लेकर हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा बेसिन का सुव्यवस्थित विकास हो इसके लिए एक समेकित और चरणबद्ध मास्टर प्लान तैयार किया जाए ताकि गंगा किनारे की जमीन का अधिकतम सदुपयोग हो सके। श्रद्धालुओं और छठव्रतियों की सुविधा के लिए सभी घाटों को विकसित किया जाए। साफ-सफाई, चेंजिंग रूम, लाइट और सुरक्षा का इंतजाम हो। 

 

इसी कड़ी में पटना में कुर्जी से काली घाट तक 6.5 किलोमीटर लंबा गंगा चैनल विकसित किया जाएगा। इसमें रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, वॉक-वे, ग्रीन बेल्ट और बोटिंग की सुविधा होगी। अधिकारियों ने बताया कि अभी कई काम अंतिम चरण में हैं और कुछ नए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि काम में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। जेपी गंगा पथ को पटना की लाइफलाइन बनाना है। जैसे अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट है वैसे ही गंगा किनारा पटना की शान बने।