बिहार की राजधानी पटना में हवाला नेटवर्क को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस और इनकम टैक्स विभाग की संयुक्त टीम ने बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र के बोरिंग रोड स्थित अरण्य बलभद्र अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 101 में छापेमारी की है। वहीं मंगलवार रात एक संदिग्ध इनोवा क्रिस्टा से करीब 30 लाख रुपये कैश बरामद किया गया। मामले में गुजरात के तीन कारोबारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, यह नेटवर्क करीब 3000 करोड़ रुपये का हो सकता है। हालांकि इस आंकड़े की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और IT विभाग बरामद रकम के स्रोत, उसकी डिलीवरी और इससे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। पटना में अलग-अलग जगहों पर भी जांच जारी है।
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गुजरात से कैश लेकर आए थे तीनों
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में एक इनोवा क्रिस्टा ने दूसरी कार को टक्कर मार दी और तेज रफ्तार में भागने लगी। सूचना मिलने पर पुलिस ने इनोवा का पीछा किया और बोरिंग रोड के पास उसे रोक लिया। गाड़ी की तलाशी लेने पर अंदर से करीब 30 लाख रुपये कैश मिला। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस ने गाड़ी में सवार तीनों लोगों से पूछताछ की। रकम के बारे में वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और बार-बार अपना बयान बदल रहे थे। इसके बाद पुलिस ने कैश और वाहन को जब्त कर लिया और तीनों को हिरासत में लेकर थाने ले आई।
हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान संजय कुमार, दिग्विजय ठाकुर और पटेल कारण कुमार सिंधाभाई के रूप में हुई है। तीनों मूल रूप से गुजरात के रहने वाले बताए जा रहे हैं और खुद को कारोबारी बता रहे हैं। उनके पास बरामद कैश से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं मिला। पूछताछ के दौरान कारोबारियों ने कथित तौर पर बताया कि वे गुजरात से करीब तीन करोड़ रुपये कैश लेकर निकले थे। पहले वे कोलकाता पहुंचे थे। वहां किसी व्यक्ति को बड़ी रकम देने के बाद सड़क के रास्ते पटना आए थे। यहां उन्हें 30 लाख रुपये पहुंचाने थे।
तीनों ने बताया कि यह रकम उन्हें पटना में किसी व्यक्ति को देनी थी। हालांकि रकम किसे देनी थी इस बारे में वे साफ जानकारी नहीं दे रहे हैं। पुलिस को शक है कि यह रकम हवाला कारोबार से जुड़ी हो सकती है। गुजरात से कोलकाता और फिर पटना तक कैश पहुंचाने का काम किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में कथित तौर पर 3000 करोड़ रुपये के नेटवर्क से जुड़े होने की बात कही है। हालांकि पुलिस और आयकर विभाग ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
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कई ठिकानों पर जांच जारी
तीनों की निशानदेही पर पुलिस और आयकर विभाग की टीम ने बोरिंग रोड स्थित अरण्य बलभद्र अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 101 में भी छापेमारी की। बताया जा रहा है कि यह फ्लैट हवाला नेटवर्क से जुड़े किसी व्यक्ति का हो सकता है और यहीं कैश की डिलीवरी होनी थी। टीम ने फ्लैट में घंटों तक तलाशी ली और कई दस्तावेजों की जांच की। सूत्रों के अनुसार, फ्लैट से कुछ डायरी, मोबाइल फोन और लेन-देन से जुड़े कागजात मिले हैं। आयकर विभाग इन दस्तावेजों की जांच कर रहा है। फ्लैट किसके नाम पर है और वहां कौन रहता है इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आयकर विभाग को सूचना दी थी। इसके बाद आयकर की टीम भी मौके पर पहुंची और रकम के स्रोत, संभावित लाभार्थियों और पूरे लेन-देन की कड़ियों की जांच शुरू की। शुरुआती जांच में मामला हवाला कारोबार से जुड़ा नजर आ रहा है। पटना पुलिस ने इस मामले में कई जगहों पर जांच तेज कर दी है। बुद्धा कॉलोनी, बोरिंग रोड और आसपास के इलाकों में पुलिस की टीम जानकारी जुटा रही है। बरामद मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और चैट भी खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 30 लाख रुपये किसके लिए पटना लाए गए थे और इसके पीछे कौन लोग हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला बड़ा हो सकता है।
आयकर विभाग भी अलग से जांच कर रहा है और कैश के स्रोत का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल तीनों लोगों से पूछताछ जारी है। उनके बैंक खातों और पुराने लेन-देन की भी जांच की जा रही है। पुलिस पटना से गुजरात और कोलकाता तक इस मामले से जुड़ी कड़ियों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने गुजरात और कोलकाता पुलिस से भी संपर्क किया है। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं और पटना में कैश किसे पहुंचाया जाना था।
