झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों राज्यसभा चुनाव के चलते राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनी हुई है। इसी बीच रांची में स्थिति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के ऑफिस पर पेट्रोल पंप फेंकने की घटना हुई। घटना का CCTV फुटेज भी जारी किया गया है। वीडियो के मुताबिक, रात के 12 बजकर 38 मिनट पर दो युवकों ने पेट्रोल बम फेंके। गनीमत यह रही कि इससे कहीं पर कोई आग नहीं लगी और किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ। अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है और कहा है कि इसके पीछे बड़ी साजिश हो सकती है।

 

इस हमले के बाद सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी तलाश भी शुरू कर दी गई है। हमले के बाद बीजेपी और आरएसएस के तमाम नेता घटनास्थल पर पहुंचे हैं। बाबूलाल मरांडी ने बताया कि वह भी आरएसएस के दफ्तर गए और वहीं से वरिष्ठ अधिकारियों से भी बात की है।

 

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BJP नेताओं ने जताई बड़ी साजिश की आशंका

इस घटना के बारे में झारखंड के पूर्व सीएम और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है, 'RSS के ऑफिस में रात के 12 बजकर 36 मिनट पर दो लड़के आते हैं और एक नहीं दो बार आते हैं। एक बार ऊपर पेट्रोल बम चलाते हैं जो फटता है। दोबारा नीचे चलाते हैं। फिर वे आराम से लौटते हैं। वे कार से आते हैं और सपोर्ट में मोटरसाइकिल भी है। यह मामला गंभीर है क्योंकि संघ के ऑफिस पर इस प्रकार का हमला होने को कह सकते हैं कि राज्यभर में बड़ी घटना को अंजाम देने की एक तैयारी थी। हमने मांग की है कि इसमें आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए।'

 

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इसी मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा है, 'आप अंदाजा लगाइए कि इतना दुस्साहस है। रात के 12 बजे हॉस्टल के बच्चे जगे रहते हैं, उस समय दुस्साहस करना दिखाता है कि बड़ी साजिश है। हमने डीजी से और अन्य अधिकारियों से बात की है। हमने सीसीटीवी फुटेज में देखा है और कह सकते हैं कि राज्य को अशांत करने की बहुत बड़ी योजना थी। इसके तार कहां जुड़े हैं और कारण क्या है, उसका पता लगाने की जरूरत है।'  

पुलिस ने क्या बताया?

घटनास्थल पर पहुंचे डिप्टी एसपी सिटी के वी रमन ने बताया, 'जांच की गई है। दो बोतल- एक छत पर और एक नीचे मिली हैं। FSL से जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा कि उसमें क्या था। इसमें साइबर डीएसपी के अलावा जितने भी संबंधित थाना प्रभारी हैं सब लगाए गए हैं। एसपी सिटी के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई है। इसमें एफएसएल और साइबर की टीम काम कर रही है। अभी हम कुछ स्पष्ट नहीं कह सकते हैं।'