बिहार की राजनीति में अल्पसंख्यक वोट को लेकर हलचल तेज है। इसी बीच पटना के सब्जीबाग स्थित अंजुमन इस्लामिया हॉल में अल्पसंख्यक समाज की राजनीति में भागीदारी और हिस्सेदारी को लेकर सम्मेलन हुआ। इसमें जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर शामिल हुए। उन्होंने अल्पसंख्यक समाज के लोगों से बातचीत की और उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी, हक और भविष्य को लेकर अपनी बात रखी। कार्यक्रम स्थानीय लोगों की ओर से आयोजित किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समाज के बुद्धिजीवी, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और जन सुराज के नेता मौजूद रहे। सम्मेलन में मुसलमानों की राजनीति में भागीदारी के साथ शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम के बाद जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा कि आज की बैठक यहां के लोगों को धन्यवाद देने के लिए रखी गई थी। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव के दौरान अल्पसंख्यक समाज ने जो भरोसा और साथ दिया उसके लिए वह उनका शुक्रिया अदा करने आए थे। प्रशांत किशोर ने कहा कि बैठक में आगे क्या करना चाहिए इस पर भी बात हुई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मुसलमानों की भागीदारी कैसी होनी चाहिए और उनकी परेशानी, उम्मीद और जरूरतें क्या हैं इन्हीं बातों पर चर्चा हुई। यह कार्यक्रम स्थानीय लोगों ने रखा था और उन्हें भी इसमें शामिल होने के लिए बुलाया गया था।
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पीके ने की मुसलमानों से अपील
प्रशांत किशोर ने अल्पसंख्यक समाज को लेकर कहा, 'उन्हें अपनी राजनीतिक भागीदारी की चिंता खुद करनी चाहिए। अगर लोकतंत्र में अपनी बात रखनी है, अपनी सुरक्षा, विकास और बच्चों के बेहतर भविष्य की चिंता करनी है तो राजनीति में हिस्सा लेना होगा। मुसलमानों को अपने बच्चों को राजनीति में आगे लाना होगा। सिर्फ किसी के पीछे चलने, किसी का झंडा उठाने और किसी को अपना नेता मानने से बात नहीं बनेगी। खुद आगे आना होगा, सवाल पूछने होंगे और अपने हिस्से की मांग करनी होगी।'
पीके ने कहा, 'बिहार में लंबे समय से अल्पसंख्यक समाज को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया है। उन्हें डर दिखाकर एक ही तरफ वोट लेने की राजनीति हुई है लेकिन उनके बच्चों की पढ़ाई, रोजगार और विकास पर ध्यान नहीं दिया गया। जन सुराज इस सोच को बदलना चाहता है। वह चाहते हैं कि मुस्लिम समाज पढ़े-लिखे, ईमानदार और अपने हक के लिए आवाज उठाने वाले नेताओं को आगे लाए।'
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RJD की MLC लिस्ट पर साधा निशाना
इस दौरान प्रशांत किशोर ने राष्ट्रीय जनता दल पर भी निशाना साधा। RJD की ओर से जारी MLC उम्मीदवारों की लिस्ट पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, 'यह RJD की लिस्ट कम और दूसरे दलों की लिस्ट ज्यादा लग रही है।' उन्होंने आरोप लगाया कि जिसे जितना ज्यादा पैसा दिया गया उसे टिकट मिल गया। उन्होंने कहा, 'इससे लगता है कि RJD में कार्यकर्ताओं और पार्टी की सोच की कोई कीमत नहीं बची है।' उनके मुताबिक, पैसे के दम पर टिकट बांटे जा रहे हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा, 'RJD खुद को सामाजिक न्याय की पार्टी बताती है लेकिन टिकट बांटने में सामाजिक न्याय दिखाई नहीं देता। बिहार की जनता अब इस खेल को समझ चुकी है। लोग अब जाति और धर्म के नाम पर नहीं बल्कि अपने बच्चों की पढ़ाई और रोजगार के नाम पर वोट करना चाहते हैं।'
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बिहार में अल्पसंख्यक समाज की आबादी करीब 18 प्रतिशत है लेकिन राजनीति में उनकी भागीदारी उस हिसाब से नहीं है। जन सुराज ने वादा किया है कि वह हर समाज को उसकी आबादी के हिसाब से राजनीति में हिस्सा देगा। इसी वजह से अल्पसंख्यक समाज का झुकाव जन सुराज की ओर बढ़ रहा है।
