उत्तर प्रदेश केप्रयागराज में STF की इकाई में तैनात एक दरोगा पर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि एक मुकदमे से नाम निकालने के बदले दरोगा ने दो गाय, जर्मन शेफर्ड नस्ल का कुत्ता और मेज-कुर्सी खरीदने के लिए रुपये मांगे। मामले में हरियाणा के हिसार स्थित राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जांच के बाद दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने कथित मांग के समर्थन में ऑडियो रिकॉर्डिंग और संदेशों के स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए थे। छह अक्टूबर 2026 को दर्ज इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात लगाई गई है। अब जांच में कथित रिश्वत की मांग, रुपये के लेन-देन और रिकॉर्डिंग से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

मामले में आरोपित दरोगा की पहचान रणेंद्र कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश STF की प्रयागराज इकाई में तैनात बताए गए हैं। शिकायतकर्ता हरियाणा के हिसार जिले के ब्यानाखेड़ा गांव निवासी मनवीर सिंह उर्फ मन्नू हैं। उनका आरोप है कि प्रयागराज के नवाबगंज थाने में दर्ज एक आपराधिक मुकदमे से नाम निकलवाने के बदले दरोगा ने अलग-अलग तरह की मांगें रखीं।

 

शिकायत के मुताबिक, मांग केवल नकदी तक सीमित नहीं थी। दो गाय, जर्मन शेफर्ड कुत्ता और मेज-कुर्सी खरीदने के नाम पर रुपये मांगने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराई गई रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट का हरियाणा के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने विश्लेषण किया। शुरुआती जांच में आरोपों पर कार्रवाई योग्य आधार मिलने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि, आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।

 

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 35 हजार हजार रुपये मांगने का आरोप

जांच से जुड़े विवरण के मुताबिक, एक फरवरी 2026 की कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग में मेज-कुर्सी खरीदने के लिए 35 हजार रुपये भेजने की बात सामने आई। इसी दिन की एक अन्य रिकॉर्डिंग में हिमांशु नाम के युवक के माध्यम से 10 हजार रुपये भेजने का उल्लेख होने का दावा किया गया है।शिकायत में गाय और भैंस की मांग किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।

 

 

रिपोर्टों के अनुसार, तीन फरवरी की रिकॉर्डिंग में दो गाय भेजने से संबंधित बातचीत का जिक्र है, जबकि 9 फरवरी की रिकॉर्डिंग में एक गाय और भैंस की मांग किए जाने का आरोप सामने आया। इसके अलावा जर्मन शेफर्ड नस्ल का कुत्ता मांगने की बात भी शिकायत का हिस्सा है। इन कथित मांगों की जांच ऑडियो रिकॉर्डिंग और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। पुलिस और भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी के लिए अब यह पता लगाना अहम होगा कि बातचीत किन परिस्थितियों में हुई और कथित लेन-देन से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि कैसे होती है।

2023 का है मामला

शिकायत के अनुसार, प्रयागराज के नवाबगंज थाने में दो सितंबर 2023 को मुकदमा संख्या 393 दर्ज किया गया था। यह मामला धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी धाराओं के अलावा आबकारी अधिनियम की धाराओं के तहत भी दर्ज होने का उल्लेख है। आरोपित दरोगा रणेंद्र कुमार सिंह इस मुकदमे में वादी बताए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी मुकदमे से नाम निकालने के बदले रिश्वत की मांग की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा के राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शिकायत और उपलब्ध रिकॉर्डिंग की जांच की। इसके बाद हरियाणा पुलिस महानिदेशक कार्यालय से 14 अगस्त 2026 को मुकदमा दर्ज करने की सहमति मिलने का उल्लेख रिपोर्टों में किया गया है।

 

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हिसार में दर्ज हुआ मुकदमा

आरोपों की प्रारंभिक जांच के बाद छह अक्टूबर 2026 को हिसार मंडल के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो थाने में दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना डीएसपी सोमवीर सिंह को सौंपी गई है।अब जांच में शिकायतकर्ता के आरोपों, कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग, संदेशों के स्क्रीनशॉट और रुपये के लेन-देन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। यह भी जांच का विषय है कि कथित मांगों के संबंध में कौन-कौन से साक्ष्य कानूनी रूप से प्रमाणित होते हैं।फिलहाल, मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला चर्चा में है। एक आपराधिक मुकदमे से नाम निकालने के बदले गाय, कुत्ता और फर्नीचर के नाम पर रुपये मांगने का आरोप इस प्रकरण को असामान्य बनाता है।