बिहार के छपरा-बलिया रेलखंड पर एक बड़ी रेल दुर्घटना टल गई। डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को कथित रूप से निशाना बनाने की साजिश रची गई थी। रिविलगंज थाना क्षेत्र के गौतमस्थान स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर एक भारी-भरकम पानी की टंकी रख दी गई थी। तेज रफ्तार से आ रही राजधानी एक्सप्रेस का इंजन उस टंकी से टकरा गया। टंकी इंजन के अगले हिस्से में फंस गई लेकिन लोको पायलट की सतर्कता के कारण ट्रेन को समय रहते रोक लिया गया। इस सतर्कता की वजह से सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई। घटना के बाद रेलवे और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आरपीएफ, जीआरपी और जिला पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है और जांच को तेज कर दिया गया है। पुलिस अधिकारी इस साजिश का हिस्सा मान रहे हैं ।

 

जानकारी के अनुसार घटना गौतमस्थान रेलवे स्टेशन के पश्चिमी ढाला के पास विजय राय के टोला के पास हुई। डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस अपनी तय रफ्तार से गुजर रही थी। तभी लोको पायलट ने सामने ट्रैक पर कुछ रखा हुआ देखा। पल भर में समझ आ गया कि यह कोई बड़ी चीज है।

 

पायलट ने फौरन इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। इसके बावजूद ट्रेन की रफ्तार के कारण इंजन ट्रैक पर रखी नीले रंग की सिंटेक्स पानी की टंकी से जा टकराया। टंकी टकराकर इंजन के अगले हिस्से में फंस गई। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंच गए। ट्रेन रुकते ही रेलवे के अधिकारी और स्थानीय लोग भी वहां पहुंच गए। गनीमत रही कि ट्रेन पटरी से नहीं उतरी और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

 

यह भी पढ़ें: मुस्लिम युवक ने दोस्त संग उठाई 251 लीटर की कांवड़, दिया भाईचारे का संदेश

घटनास्थल से मिले अहम सुराग

घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी और रिविलगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले ट्रैक की जांच की। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि पास में ही एक मकान की छत पर रखी पानी की टंकी को किसी ने नीचे उतारकर रेलवे ट्रैक पर रख दिया था। टंकी का वजन काफी था इसलिए उसे एक-दो लोगों का काम नहीं माना जा रहा है।

 

पुलिस को शक है कि यह किसी शरारती तत्व की हरकत नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश हो सकती है। घटना के बाद फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को भी बुलाया गया। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। रेलवे ट्रैक से, टंकी से और पास के उस मकान से जहां टंकी रखी थी, कई तरह के साक्ष्य जुटाए गए। उंगलियों के निशान, जूतों के निशान और अन्य तकनीकी सबूत इकट्ठे किए गए हैं। इन्हीं सबूतों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

 

यह भी पढ़ें: गया के विधायक के बेटे को माओवादियों की धमकी, 5% कट ना देने पर हमले की चेतावनी

पुलिस अधिकारी खगाल रहे हैं सीसीटीवी फुटेज

सारण के एसएसपी विनीत कुमार और रेल एसपी वीणा कुमारी ने भी घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। दोनों अधिकारियों ने मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग जगहों पर छापेमारी चल रही है।

 

हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। रेलवे अधिकारियों के लिए यह घटना बेहद गंभीर है। रेलवे सूत्रों के अनुसार घटना के समय अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों का आवागमन जारी था। ऐसे में अगर टक्कर के बाद ट्रेन पटरी से उतर जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। राजधानी एक्सप्रेस में सैकड़ों यात्री सवार थे। एक छोटी सी चूक सैकड़ों जिंदगियों पर भारी पड़ सकती थी। इसीलिए रेलवे और पुलिस दोनों इस मामले को साजिश के एंगल से देख रहे हैं।