लखनऊ। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में जांच अब आगे बढ़ रही है। सोमवार को गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें 13 जुलाई तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। अब एसआईटी (विशेष जांच दल) मामले की कड़ियों को जोड़ने, चढ़ावे की गिनती से लेकर बैंक में धनराशि जमा कराने तक की पूरी प्रक्रिया की गहन जांच कर रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर मामले से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों से भी पूछताछ की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी अब केवल गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका तक सीमित नहीं है। जांच टीम चढ़ावा संग्रह, गणना, निगरानी, बैंक में जमा करने की प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी की भी पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर आगे और लोगों से पूछताछ या अन्य कानूनी कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा।
आठ आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
राम मंदिर में चढ़ावा धनराशि की चोरी का मामला 6 जून को सामने आया था। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया। एसआईटी की रिपोर्ट मिलने के बाद 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर गणनाकर्मियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, पर्यवेक्षणीय कर्मी सुभाष श्रीवास्तव और महासचिव चंपत राय के चालक रामशंकर उर्फ टिन्नू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
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एसआईटी रिपोर्ट में क्या सामने आया
एसआईटी की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में तैनात कुछ कर्मियों द्वारा भेंट और दान की धनराशि में कथित हेराफेरी की गई। जांच रिपोर्ट में पर्यवेक्षणीय जिम्मेदारी निभा रहे कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने आठों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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अब आगे क्या होगा?
13 जुलाई तक आरोपियों के न्यायिक रिमांड पर रहने के दौरान एसआईटी दस्तावेजी साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी तथ्यों का मिलान करेगी। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और यदि नए तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अदालत में आरोपों का परीक्षण अभी होना बाकी है और मामले का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।


