अयोध्या के राम मंदिर में दान की कथित अनियमितताओं को लेकर मचे सियासी और प्रशासनिक विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपनी प्रस्तावित बैठक की तारीख अचानक बदल दी है। पहले यह बैठक 11 जुलाई को होनी थी लेकिन अब इसे पांच दिन पहले यानी 6 जुलाई को बुलाया गया है। इस बदलाव ने राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के भविष्य सहित कई अहम मुद्दों पर फैसला लिया जा सकता है।

 

सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के सभी 14 सदस्यों को 6 जुलाई की बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में मंदिर के प्रशासनिक ढांचे, दान व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता और भविष्य की कार्यप्रणाली पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।

दान व्यवस्था और पारदर्शिता पर रहेगा फोकस

सूत्रों का कहना है कि हाल के विवादों के बाद ट्रस्ट के भीतर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने पर विचार किया जा सकता है। दैनिक कार्यों की मॉनिटरिंग, वित्तीय रिकॉर्ड की समीक्षा और निर्णय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नए तंत्र पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। ट्रस्ट में नए सदस्यों को शामिल करने का प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल हो सकता है।

 

यह भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा चोरी: चंपत राय से घंटों पूछताछ, बैंक से अहम रिकॉर्ड जब्त

भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी मंथन

बैठक में मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए भीड़ प्रबंधन, गर्मी से बचाव और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी विचार किया जाएगा। ट्रस्ट का मानना है कि श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए विशेषज्ञों की मदद से नई कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।

कोषाध्यक्ष की पहल पर बुलाई गई बैठक

जानकारी के मुताबिक ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की पहल पर बैठक की तारीख बदली गई है। सदस्यों को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि कुछ महत्वपूर्ण और तत्काल निर्णयों के मद्देनजर बैठक पहले बुलाना आवश्यक हो गया था।राम मंदिर में दान को लेकर उठे विवाद के बाद विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस लगातार बीजेपी और केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। विपक्ष इस मुद्दे को जनता के बीच उठाने के साथ आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में है।

 

यह भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा चोरीः सभी आठ आरोपी 13 जुलाई तक रिमांड पर, खुलेंगे कई राज

बैठक पर टिकी सभी की नजरें

6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की आपात बैठक अब बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक में प्रशासनिक बदलाव, जवाबदेही तय करने और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में सुधार से जुड़े कई बड़े फैसले सामने आ सकते हैं। ऐसे में धार्मिक, राजनीतिक और प्रशासनिक सभी हलकों की निगाहें अब इस बैठक पर टिकी हुई हैं।