सिक्किम के नामची जिले में NHPC की निर्माणाधीन सुरंग में हुए भीषण हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। यह हादसा NHPC की तीस्ता स्टेज-VI जलविद्युत परयोजना के तहत बन रही ADIT-3 सुरंग सोमवार को लैंडस्लाइड के कारण ढह गई और इसमें कई मजदूर फंस गए। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अब तक 12 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 13 से 15 लोगों के अब भी सुरंग के अंदर फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक सोनम डोल्मा ने बताया कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिक्किम पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस और कोयला खनन विशेषज्ञों की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है। इस घटना के बाद से ही प्रशासन लगातार लापता लोगों की तलाश कर रहा है।
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20 जुलाई को हुआ हादसा
यह हादसा 20 जुलाई को नामची जिले के समरदुंग इलाके में निर्माणाधीन सुरंग के भीतर हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक सुरंग के अंदर अचानक गैस का तेज विस्फोट हुआ, जिसके बाद सुरंग का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया। अधिकारियों का मानना है कि मीथेन गैस के जमाव के कारण यह विस्फोट हुआ। हादसे के समय सुरंग के अंदर मजदूर काम कर रहे थे। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बताया कि हादसे के वक्त सुरंग के अंदर परियोजना के अधिकारी और मजदूर मिलाकर करीब 25 लोग मौजूद थे। दो कर्मचारी किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि कई अन्य अंदर ही फंस गए। बाद में बचाव के लिए अंदर गए कुछ अधिकारी भी सुरंग में फंस गए।
सीएम ने किया राहत का ऐलान
मंगलवार को सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने तीस्ता स्टेज-VI हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट टनल हादसे के पीड़ितों के लिए फाइनेंशियल मदद का ऐलान किया और कहा कि घटना की पूरी जांच की जाएगी, और अगर काम करने वाली कंपनी की तरफ से कोई लापरवाही साबित होती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पीएम ने किया रिव्यू
इस हादसे के बाद से केंद्र सरकार भी एक्टिव हो गई है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हादसे पर दुख जताया और बचाव कामों में पूरा सपोर्ट देने का भरोसा दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालात का रिव्यू करने के लिए मुख्यमंत्री तमांग से बात की और हर मरने वाले के परिवार वालों के लिए प्रधानमंत्री नेशनल रिलीफ फंड से 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की मदद का ऐलान किया।
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बचाव कार्य जारी
हादसे के बाद से बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान जारी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिक्किम पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञ बचाव दल लगातार मौके पर काम कर रहे हैं। सुरंग के भीतर जहरीली गैस, मलबा और ऑक्सीजन की कमी के कारण राहत कार्य बेहद मुश्किल हो गया है।
NHPC ने अपने एक बयान में कहा कि चट्टानों की परतों में फंसी मीथेन गैस के अचानक फटने से धमाका हुआ, जिससे धुआं और जहरीली गैसें निकलीं। NHPC के अधिकारियों ने बताया कि मीथेन की मौजूदगी के कारण तलाशी अभियान में रुकावट आ रही है। बचावकर्मियों को गैस मास्क और विशेष सुरक्षा उपकरणों के साथ सीमित समय के लिए ही सुरंग के अंदर भेजा जा रहा है।
