उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच अमेठी से मतदाता सूची में गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। गौरीगंज ब्लॉक की मेदन मवई ग्राम पंचायत में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी का नाम अंतिम मतदाता सूची से गायब होने पर विवाद खड़ा हो गया है। हैरानी की बात यह है कि जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री का नाम सूची में नहीं है, वहीं कई मृतकों के नाम अब भी मतदाता सूची में दर्ज बताए जा रहे हैं। मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
मेदन मवई ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि तीरथराज मिश्र ने आरोप लगाया कि स्मृति इरानी का नाम पंचायत मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए सभी आवश्यक अभिलेख समय रहते बीएलओ को उपलब्ध करा दिए गए थे। इसके बावजूद अंतिम सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों को पहले ही सभी दस्तावेज सौंपे जा चुके थे।
लिस्ट में मृतकों के नाम, जिंदा लोग बाहर
प्रधान प्रतिनिधि के मुताबिक चंद्रभान सिंह, देवीबख्श, शिवमोहन, शिव बहादुर, मालती देवी, रामदुलारे, सुमन, राधा, रामकृपाल, रामपति और संतोष समेत कई मृतकों के नाम अभी भी मतदाता सूची में दर्ज हैं जबकि इनके नाम हटाने के लिए पहले ही आवश्यक दस्तावेज प्रशासन को उपलब्ध कराए जा चुके थे। इससे मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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पनियार पंचायत में 870 से अधिक नाम गायब
अमेठी के शाहगढ़ क्षेत्र की पनियार ग्राम पंचायत में भी मतदाता सूची को लेकर भारी नाराजगी सामने आई है। यहां 870 से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से गायब होने का दावा किया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं को सूची से बाहर कर दिया गया है, जिससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
मामले के तूल पकड़ने के बाद गौरीगंज की एसडीएम प्रीति तिवारी ने जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित खंड विकास अधिकारी को पूरे मामले की जांच कर आवश्यक संशोधन करने को कहा गया है। दावा-आपत्ति के आधार पर पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे और मृतक व अपात्र लोगों के नाम सूची से हटाए जाएंगे।
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बीजेपी ने उठाए सवाल
बीजेपी जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ल ने कहा कि स्मृति इरानी का नाम विधानसभा मतदाता सूची में पहले से दर्ज है। पंचायत मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए भी सभी आवश्यक अभिलेख जमा किए गए थे। इसके बावजूद नाम का गायब होना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की गई है और जल्द सुधार का आश्वासन मिला है।
