उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में मंगलवार को एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया गया है जो 7 साल से फर्जी तरीके से पेंशन ले रहा था। यह शख्स अपनी उस मां के नाम पर पेंशन ले रहा था जिसकी मौत साल 2018 में ही चुकी थी। आरोप है कि इन सात साल में इस शख्स ने लगभग 44 लाख रुपये निकाल लिए। पेंशन ना रुक जाए इसके लिए उसने फर्जी लाइफ सर्टिफिकेट बनवाए और अपनी मां को जिंदा दिखाया। आरोपी के पिता स्वतंत्रता सेनानी थे और उनके निधन के बाद उनकी पत्नी यानी आरोपी की मां को पेंशन मिलती थी।

 

मेरठ जिले के दौराला थाने की पुलिस ने मंगलवार सुबह करीब 8:15 बजे गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी प्रेम सिंह को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को इस आरोपी के बारे में पहले से ही जानकारी मिल चुकी थी। प्रेम सिंह पर आरोप है कि उसने अपनी मृत मां को कागजों में जीवित दिखाया और सात साल से ज्यादा समय तक उनकी पेंशन के पैसे हड़पे। वह फर्जी तरीके से स्वतंत्रता सेनानी और रक्षा विभाग की पेंशन का फायदा उठा रहा था।

 

यह पूरा मामला ग्राम शाहपुर जदीद का है। इसी गांव के प्रेम सिंह ने अपनी मां शांति देवी के फर्जी जीवित प्रमाण पत्र तैयार करवाए थे। शांति देवी की मौत 9 दिसंबर 2018 को ही हो चुकी थी। इसके बावजूद, प्रेम सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी कागज बनाए। वह जीवन प्रमाण पत्र लगाकर मां को कागजों में जीवित दिखाता रहा और सात साल तक पेंशन के पैसे निकालता रहा।

 

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धोखे में रखकर निकाली रकम

आरोपी ने फर्जी जीवित प्रमाण पत्र बनाकर बैंक अधिकारियों को बेवकूफ बनाया। उसने खाते से एटीएम और यूपीआई के माध्यम से करीब 44 लाख 38 हजार 96 रुपये की भारी-भरकम राशि हड़प ली। इस दौरान पेंशन के पैसों को बैंक खाते से एटीएम, यूपीआई और दूसरे तरीकों से निकाला जाता रहा।

 

इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब सरधना के उपजिलाधिकारी ने 8 अक्टूबर 2025 को एक पत्र भेजा। इस पत्र से महिला की मौत की सच्चाई सामने आई। इसके बाद सकोती टांडा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक नीरज कुमार ने 27 नवंबर 2025 को दौराला थाने में शिकायत किया था। आरोप है कि इस शिकायत पर पहले कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी।

 

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आगे की कार्रवाई

शाखा प्रबंधक की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी प्रेम सिंह और दूसरे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले की जांच उपनिरीक्षक अनिल कुमार कर रहे हैं। मंगलवार सुबह गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल दूसरे आरोपियों की भी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।