तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। वहां 11वीं क्लास के छात्र ए. अकिलन ने कथित तौर पर मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि बीफ खाने को लेकर स्कूल के टीचर और क्लासमेट मिलकर उसे लगातार परेशान कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने आरोपी टीचर, प्रिंसिपल और दो छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।  

 

मां की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मां के अनुसार, जब यह घटना हुई वे लोग घर पर नहीं थे। घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। 

 

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क्या है पूरा मामला?

कोयंबटूर के पीलामेडु इलाके के रहने वाले 16 साल के अकिलन ने 21 अक्टूबर को अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। वह श्री के के नायडू हायर सेकेंडरी स्कूल में ग्यारहवीं के छात्र थे। घटना के वक्त उनके माता-पिता काम पर गए थे। दोपहर करीब एक बजे जब मां कौशल्या घर लौटीं तो उन्होंने बेटे को फंदे पर लटका हुआ पाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।


पुलिस को मृतक की मां कौशल्या ने बताया कि कुछ महीने पहले स्कूल में स्कॉलरशिप के लिए फॉर्म भरते समय क्लास टीचर ने बच्चों से पूछा था कि कौन-कौन बीफ खाता है। इस पर अकिलन और एक अन्य छात्र खड़े हुए थे। इसके बाद से ही स्कूल के दो छात्र अकिलन की जाति का नाम लेकर उसे लगातार परेशान और उसके साथ मारपीट किए हैं। मां का आरोप है कि जब अकिलन ने इस बात की शिकायत क्लास टीचर और प्रिंसिपल अरुण कुमार से की तो उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।

पुलिस की कार्रवाई

शिकायत मिलने के बाद पीलामेडु पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घटना के बाद अकिलन के माता-पिता और रिश्तेदारों ने पुलिस थाने के सामने प्रदर्शन किया। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।

 

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मृतक के पिता अशोक कुमार, जो मुन्नार के एक रिसॉर्ट में लाउंड्री मैनेजर के रूप में काम करते हैं। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि उनका बेटा वकील बनना चाहता था और स्कूल प्रबंधन और टीचर ही इस मौत के लिए जिम्मेदार हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में कमिश्नर स्तर पर और बाल कल्याण समिति की भी जांच जारी है।