बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार को तीन संदिग्ध अपराधियों के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद दानापुर में हालात तनावपूर्ण हैं। दानापुर अनुमंडल अस्पताल के बाहर नाराज परिजनों और पुलिस के बीच झड़प हुई। भीड़ को तितर-बितर के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल कई वीडियो में पुलिस प्रदर्शनकारियों को दौड़ा रही है। स्थिति को संभालने के लिए लाठीचार्ज भी करती है।
इस बीच आरजेडी सांसद मीसा भारती दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचीं। यहां परिजनों से मुलाकात की। परिजनों ने आरोप लगाया कि उनका बेटा कोई माफिया नहीं था। पुलिस ने किस आधार पर एनकाउंटर किया। सवाल उठाया कि अगर पुलिस एनकाउंटर करेगी तो पैर पर गोली मारेगी, सीने पर नहीं। परिजनों का आरोप है कि युवक को घर से बुलाकर मारा गया है।
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गुप्त सूचना पर पुलिस का एक्शन
पटना एएसपी कार्तिकेय के. शर्मा का कहना है कि गश्त कर रही पुलिस को अपराधियों के बारे में सूचना मिली थी। पुलिस टीम के मौके पर पहुंचने पर आरोपियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। मनेर थाने की टीम ने भी जवाबी फायरिंग की। गोली लगने से घायल अपराधियों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया गया।
एसएसपी का कहना है कि तीनों लोगों के पास से हथियार मिले हें। सभी का आपराधिक रिकॉर्ड है। अष्टमी के दिन मनेर में हुए हत्याकांड में भी शामिल थे। अपराधियों ने 24 तो पुलिस ने 18 राउंड फायरिंग की। एक गोली मनेर एसएचओ की वर्दी को छूकर निकल गई। अपराधियों ने अन्य पुलिस कर्मियों पर भी फायरिंग की।
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एनकाउंटर में इनकी गई जान
पटना के मनेर थाना क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे शुक्रवार तड़के पुलिस और अपराधियों में मुठभेड़ हुई। एसटीएफ और पटना पुलिस ने संयुक्त अभियान में तीन अपराधियों को मार गिराया। एक अन्य घायल है। आरोपियों के पास से देसी कट्टा और दो पिस्टल के अलावा कई राउंड कारतूस मिले हैं। एनकाउंटर में मारे गए लोगों की पहचान जेपी यादव, सूरज कुमार और बबलू कुमार के तौर पर हुई है।
