केरल पुलिस ने टीजी मोहनदास को हिरासत में लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें रविवार शाम तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस की टीम ने कोच्चि के मट्टनचेरी स्थित उनके घर से हिरासत में लिया। उन पर यह कार्रवाई जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बारे में एक विवादित टिप्पणाी को लेकर की गई है। उन्होंने एक यूट्यूब वीडियो में प्रदर्शन पर टिप्पणी की थी। उन पर आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों और महिलाओं को लेकर बेहद आपत्तिजनक और भड़काऊ बातें कही थीं।

 

पुलिस के मुताबिक, तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से मट्टनचेरी के कूवाप्पडम स्थित उनके घर की जांच भी की। पुलिस ने उनके यूट्यूब चैनल और वीडियो से जुड़े डिजिटल उपकरणों के बारे में जानकारी जुटाई। साइबर पुलिस की ओर से दर्ज FIR में आरोप लगाया गया है कि मोहनदास के यूट्यूब चैनल 'पत्रिका' पर अपलोड किए गए वीडियो का उद्देश्य सार्वजनिक शांति भंग करना, लोगों में डर पैदा करना और अशांति फैलाना था।

 

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किस बात पर हुआ विवाद?

टीजी मोहनदास ने जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर एक वीडियो में विवादित टिप्पणी की थी। आरोप है कि उन्होंने कहा कि अगर वह जिम्मेदारी की स्थिति में होते तो जंतर-मंतर के आसपास के इलाके में कर्फ्यू लगा देते और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटने के लिए कहते। उन्होंने कहा कि अगर तीन बार चेतावनी देने के बाद भी प्रदर्शनकारी वहां से नहीं हटते, तो वो उन पर गोली चलाने का आदेश दे देते।

 

उन्होंने कहा, 'अगर मैं जिम्मेदारी में होता, तो जंतर-मंतर के चार वर्ग किलोमीटर के इलाके में कर्फ्यू लगा देता। मैं लोगों से तीन बार वहां से हटने के लिए कहता। इसके बाद गोली चलवा देता और लोग भाग जाते, कुछ मर जाते, कुछ बच जाते और कुछ के हाथ-पैर चले जाते। चार घंटे के भीतर स्थिति पूरी तरह शांत हो जाती।'

महिलाओं पर क्या कहा था?

एक अन्य वीडियो में मोहनदास ने प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को लेकर भी बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि प्रदर्शन में शामिल कुछ महिलाएं रेप जैसे यौन अपराधों को पसंद करती हैं और शिकायत नहीं करेंगी। उन्होंने कहा था, 'प्रोटेस्ट में ऐसी लड़कियां थीं, जिन्हें रेप पसंद है और अगर उनके साथ ऐसा होता तो वे कभी शिकायत नहीं करतीं।'उनकी इस टिप्पणी के बाद जमकर विवाद हो रहा है और उसी कड़ी में अब पुलिस ने उन पर कार्रवाई की है। 

जमकर हुआ विवाद

टीजी मोहनदास के इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर जमकर बवाल हुआ और केरल सरकार से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई। विवादित बयानों के बाद तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस ने मोहनदास के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके वीडियो से सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है और लोगों में डर तथा अशांति पैदा हो सकती है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी कानून और केरल पुलिस कानून की धाराएं लगाई गई थीं। पुलिस ने इसके बाद जांच शुरू की और अब उन्हें हिरासत में लिया गया है।

 

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मोहनदास ने सफाई में क्या कहा?

विवाद बढ़ने के बाद टीजी मोहनदास ने अपने बयानों को लेकर सफाई दी थी। उन्होंने दावा किया था कि उनकी टिप्पणियां व्यंग्य के तौर पर की गई थीं और उनका एक हिस्सा लंबे वीडियो से अलग करके देखा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि मलयालम से दूसरी भाषा में अनुवाद किए जाने के दौरान उनके बयान का मूल संदर्भ और हास्य खो गया। हालांकि, उनके बयान को लेकर विवाद और कानूनी कार्रवाई जारी रही।