केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को चिट्ठी लिखी है। CM सतीशन ने तमिलनाडु सरकार से रफ स्टोन (पत्थर) और स्टोन एग्रीगेट्स (गिट्टी) पर लगाई गई नई पाबंदियों में राहत देने की मांग की है। 9 जुलाई को तमिलनाडु सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर गिट्टी, पत्थर और एम-सैंड (बड़े पत्थरों और चट्टानों को पीसकर बनाई जाने वाली रेत) को दूसरे राज्यों में भेजने पर 3 महीने की रोक लगा दी थी। तमिलनाडु की इस सख्ती से केरल को बड़ा झटका लगा है क्योंकि केरल अपने निर्माण कार्यों के लिए बड़ी मात्रा में गिट्टी तमिलनाडु से मंगाता है।
तमिलनाडु की ओर से लगाई गई नई रोक से केरल में सड़क, हाईवे और दूसरे निर्माण कार्य प्रभावित होंगे। सप्लाई रुकने से केरल में कई निर्माण कार्य धीमे पड़ सकते हैं। इसी को देखते हुए CM सतीशन ने तमिलनाडु के CM विजय से पाबंदियों में राहत देने की मांग की है।
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क्या है पूरा मामला?
9 जुलाई 2026 को तमिलनाडु सरकार ने एक अधिसूचना जारी की। इसके तहत तमिलनाडु सरकार ने रफ स्टोन और स्टोन एग्रीगेट्स और एम-सैंड को दूसरे राज्यों में भेजने पर 3 महीने की रोक लगा दी। यह रोक पुडुचेरी और कराईकल को छोड़कर बाकी सभी राज्यों पर लागू की गई। सरकार ने इसके लिए 'तमिलनाडु प्रिवेंशन ऑफ इल्लीगल माइनिंग, ट्रांसपोर्टेशन एंड स्टोरेज ऑफ मिनरल्स एंड मिनरल डीलर्स रूल्स, 2011' में नया एक नया नियम 3(A) जोड़ा है।
क्यों लिया गया है यह फैसला?
इसका मकसद अवैध खनन, खनिजों की अवैध ढुलाई और गलत तरीके से दूसरे राज्यों में पत्थर व गिट्टी भेजने पर रोक लगाना है। इसके अलावा, तमिलनाडु में इस समय सड़क, पुल और इमारत बनाने का काम तेजी से चल रहा है लेकिन राज्य में जितना पत्थर निकल रहा है, वह अपनी जरूरत के लिए भी कम पड़ रहा है। फिर भी दूसरे राज्यों में सप्लाई चल रही थी। इस वजह से सरकार ने तीन महीने के लिए इसपर रोक लगा दी है। तमिलनाडु सरकार का कहना है कि ज्यादा खनन से पर्यावरण और प्रकृति को भी नुकसान हो रहा है। इसलिए रोक लगाना जरूरी था।
कब, क्या हुआ?
- 9 जुलाई 2026 को तमिलनाडु सरकार ने रफ स्टोन और स्टोन एग्रीगेट्स को दूसरे राज्यों में भेजने पर 3 महीने की रोक लगाने की अधिसूचना जारी की।
- 9 से 27 जुलाई 2026 के बीच केरल में राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य निर्माण परियोजनाओं के लिए गिट्टी की आपूर्ति प्रभावित होने लगी।
- 28 जुलाई 2026 को केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को पत्र लिखकर प्रतिबंध में राहत देने की मांग की।
कौन से राज्यों पर पड़ रहा इसका असर?
तमिलनाडु सरकार की इस सख्ती का असर उन पड़ोसी राज्यों पर पड़ रहा है, जो निर्माण सामग्री के लिए तमिलनाडु पर निर्भर हैं। केरल की बात करें तो यह राज्य अपने राष्ट्रीय राजमार्ग, सड़क, पुल और अन्य निर्माण परियोजनाओं के लिए बड़ी मात्रा में रफ स्टोन और स्टोन एग्रीगेट्स तमिलनाडु से मंगाता है। CM सतीशन ने चिठ्टी में भी लिखा है कि केरल में निर्माण के लिए अच्छी गुणवत्ता की गिट्टी सीमित है। इसलिए राज्य राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य परियोजनाओं के लिए तमिलनाडु के पड़ोसी जिलों से आने वाली सप्लाई पर निर्भर है। उन्होंने कहा है कि नई पाबंदियों से सप्लाई प्रभावित हुई है, निर्माण कार्य धीमे पड़ गए हैं और कई अहम परियोजनाओं में देरी का खतरा बढ़ गया है।
अब आगे क्या?
तमिलनाडु सरकार अगर रोक में ढील देती है तो तो केरल में हाईवे, सड़क, पुल और अन्य निर्माण परियोजनाओं के लिए गिट्टी की सप्लाई फिर से शुरू हो जाएगी। अगर प्रतिबंध जारी रहता है, तो केरल समेत कई अन्य राज्यों में चल रही परियोजनाओं में देरी हो सकती है। इससे निर्माण की लागत भी बढ़ सकती है और काम प्रभावित हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जैसे ही राज्य में निर्माण सामग्री की कमी और सप्लाई की समस्या दूर हो जाएगी, यह प्रतिबंध हटा दिया जाएगा। खनन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि दूसरे राज्यों में निर्माण सामग्री भेजने पर हमेशा के लिए रोक नहीं लगाई जा सकती।
