महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक सरकारी आदिवासी आश्रमशाला में नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। शहापुर के टेंभा स्थित आश्रमशाला की 22 छात्राओं ने स्कूल में काम करने वाले कर्मचारी गणपत गावली पर गलत तरीके से छूने और परेशान करने के आरोप लगाए हैं। शिकायत के बाद शहापुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। अब पता चला है कि आरोपी पहले भी ऐसी हरकतें कर चुका है।

 

मामला एक छात्रा की शिकायत के बाद सामने आया। इसके बाद दूसरी छात्राओं ने भी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत की। धीरे-धीरे शिकायत करने वाली छात्राओं की संख्या 22 हो गई। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने कितने समय तक छात्राओं को परेशान किया और इसमें कोई और व्यक्ति शामिल है या नहीं।

 

यह भी पढ़ें: अहमदाबाद में BP की नकली दवा का खुलासा, 1200 स्ट्रिप बरामद, 3 गिरफ्तार

एक शिकायत के बाद खुला मामला

सबसे पहले कक्षा 10 की एक छात्रा ने स्कूल के अधीक्षक से शिकायत की थी। छात्रा ने कर्मचारी पर उसके साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने मामले की जानकारी अधिकारियों को दी और शहापुर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

 

जांच आगे बढ़ने पर 21 और छात्राएं सामने आईं। उन्होंने भी कर्मचारी पर गलत तरीके से छूने और परेशान करने के आरोप लगाए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। छात्राओं को जरूरी मदद और काउंसलिंग देने की व्यवस्था भी की जा रही है।

 

यह भी पढ़ें: बिहार में बनेंगे महिला विश्वविद्यालय, स्टाफ और टीचर सब महिलाएं ही होंगी

आरोपी पर पहले भी था पॉक्सो केस

गणपत गावली के खिलाफ पहले भी नाबालिग छात्राओं से जुड़े मामले में कार्रवाई हो चुकी है। साल 2024 में आघई की एक दूसरी आश्रमशाला में भी गावली पर छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप लगा था। उस मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था और बाद में वह जमानत पर बाहर आया था।

 

पुराने मामले के बाद गावली को निलंबित किया गया था लेकिन बाद में उसे दोबारा सरकारी आश्रमशाला में काम दिया गया। वह मुरबाड की मोरोशी आश्रमशाला में भी काम कर चुका है। इसके बाद उसका तबादला टेंभा स्थित आश्रमशाला में हुआ था।

 

शहापुर की एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना की अधिकारी तेजस्विनी आर. जी. ने बताया कि पुराने मामले में निलंबन के बाद उसकी बहाली कैसे हुई इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने बताया कि गावली की नौकरी से रिटायरमेंट में करीब 10 महीने बाकी हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में आरोपी के अलावा कोई और व्यक्ति शामिल है या नहीं। साथ ही पुराने मामले और उसकी बहाली से जुड़ी जानकारी भी जांची जा रही है।