पंजाब की राजनीति में पिछले कुछ सालों में अमृतपाल सिंह एक बड़े चेहरे के रूप में उभरे हैं। वह फिलहाल जेल में है लेकिन उनकी पार्टी ने उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में सीएम पद का उम्मीदवार बनाया है। उनको लेकर पंजाब के सियासी गलियारों में अटकलों का दौर जारी है इस बीच मशहूर WWE पहलवान द ग्रेट खली ने अमृतपाल के पक्ष में आवाज उठाई। एक इंटरव्यू में उन्होंने अमृतपाल की रिहाई की मांग की।
खली का एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें उनसे उनके पसंदीदा राजनेता के बारे में पूछा जाता है। इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'अमृतपाल अगर बाहर आ जाए, पंजाब में नशा बहुत फैल रहा है। जनका को भी देखना चाहिए और फ्री के चक्कर में नहीं रहना चाहिए। मुझे लगता है कि अगर अमृतपाल बाहर आते हैं तो पंजाब का सुधार होगा।'
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अमृतपाल के पक्ष में क्या बोला?
खली ने अपने इंटरव्यू में अमृतपाल की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वह नशे के खिलाफ बोलते हैं और सभी को एकजुट होने के लिए बोलते हैं। खली ने कहा, 'उन्हें बाहर आना चाहिए ताकि पंजाब का भला हो। जिसने इतने लोगों को अमृत छकाया है और सिर पर पग बांधने लगाया नौजवानों को।'
अमृतपाल के विवादों पर क्या बोले?
खली ने अमृतपाल से जुड़े विवादों की ओर इशारा करते हुए कहा कि मीडिया पता नहीं कहां-कहां से चीजें निकालकर लेकर आते हैं। उनसे जब पूछा गया कि अमृतपाल तो राजनीति में नए हैं और वह लीड कर पाएंगे तो इसके जवाब में उन्होने कहा, 'मेरे को लगता है कि सच बोलने के लिए ट्रेनिंग की जरूरत नहीं है। जो बंदा सही है उसे किसी चीज की जरूरत नहीं है। उसके आने से पंजाब का सुधार होगा।'
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जेल में बंद है अमृतपाल
अमृतपाल सिंह पंजाब के अमृतसर जिले के जल्लूपुर खेड़ा गांव के रहने वाले हैं। वे 2022 में दुबई से पंजाब लौटे और अभिनेता दीप सिद्धू की ओर से बनाए गए संगठन 'वारिस पंजाब दे' की कमान संभाली। फरवरी 2023 में अमृतसर के अजनाला थाने में अपने समर्थकों के साथ पहुंचने और पुलिस से झड़प के बाद वे देशभर में चर्चा में आए। इसके बाद मार्च 2023 में पंजाब पुलिस ने उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की और वह करीब एक महीने तक फरार रहे।
23 अप्रैल 2023 को मोगा के रोडे गांव से उनकी गिरफ्तारी हुई और उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी NSA लगाया गया। इसके बाद उन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया गया। पंजाब सरकार ने 2024 में उनकी NSA हिरासत एक साल के लिए बढ़ाई थी और 2025 में इसे फिर बढ़ाया गया। 2024 में जेल में रहते हुए उन्होंने खडूर साहिब लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वह अभी भी डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं और 2026 में भी उनकी रिहाई की मांग को लेकर समर्थकों ने प्रदर्शन किए हैं। वह खुले तौर पर खालिस्तान का समर्थन करते हैं।
