हिमालय की ऊंची चोटियों, दुर्गम दर्रों और बदलते मौसम के बीच अब मोटरस्पोर्ट का रोमांच अपने चरम पर पहुंचने वाला है। जेके टायर रैली ऑफ हिमालयाज-2026 के तीसरे चरण को शुक्रवार को दारचा से उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मनाली से शुरू हुई इस क्रॉस-कंट्री रैली में देशभर के प्रतिभागी अब ऐसे रास्तों पर उतरेंगे, जहां वाहन की रफ्तार से ज्यादा चालक के धैर्य, नेविगेशन और साहस की परीक्षा होगी।
इस बार रैली का रोमांच इसलिए भी खास है क्योंकि प्रतियोगिता पहली बार जांस्कर क्षेत्र में प्रवेश कर रही है। काजा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों से आगे बढ़ते हुए प्रतिभागी जिस्पा और फिर जांस्कर की ओर जाएंगे। पदुम और पेंसी ला जैसे दुर्गम व ऊंचाई वाले मार्ग रैली के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सों में शामिल होंगे।
80 मोटो राइडर, 35 एक्सट्रीम और 24 टीएसडी प्रतिभागी
हिमालय की कठिन परिस्थितियों से मुकाबले के लिए इस बार बड़ी संख्या में प्रतिभागी मैदान में हैं। रैली में मोटो श्रेणी के 80 राइडर, एक्सट्रीम श्रेणी के 35 और टीएसडी श्रेणी के 24 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। खास बात यह है कि प्रतियोगिता में महिला राइडर और चालक भी अपनी चुनौती पेश कर रहे हैं। रैली में सेना की पांच टीमें भी शामिल हैं, जिससे मुकाबले में रोमांच और बढ़ गया है।
रैली ऑफ हिमालयाज को केवल रफ्तार की प्रतियोगिता नहीं माना जाता। इसमें प्रतिभागियों को कठिन पहाड़ी ट्रैक, ऊंचाई, कम तापमान, बदलते मौसम और लंबे प्रतिस्पर्धात्मक चरणों के बीच अपनी क्षमता साबित करनी होगी। प्रतिभागियों की एंड्योरेंस, नेविगेशन, वाहन की क्षमता और तकनीकी दक्षता की परीक्षा होगी। हिमालयी मौसम के तेजी से बदलने के कारण रणनीति और सावधानी भी रैली का अहम हिस्सा रहेगी।
2021 में शुरू हुई थी रैली
हिमालयन एक्सट्रीम मोटरस्पोर्ट्स और एडवेंचर एक्स फ्यूजन ट्राइब के संयुक्त आयोजन में हो रही यह रैली इस वर्ष अपने छठे संस्करण में प्रवेश कर चुकी है। वर्ष 2021 में शुरू हुई रैली ऑफ हिमालयाज ने कठिन हिमालयी भूभाग में क्रॉस-कंट्री मोटरस्पोर्ट के लिए अपनी अलग पहचान बनाई है। इस वर्ष का संस्करण भारतीय मोटरस्पोर्ट के दिग्गज और पांच बार के राष्ट्रीय रैली चैंपियन हरि सिंह ‘जिप्सी किंग’ को समर्पित है। आयोजकों के अनुसार भारतीय रैली जगत में उनके योगदान ने नई पीढ़ी के मोटरस्पोर्ट प्रतिभागियों को प्रेरित किया है।
रैली के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए जिला प्रशासन ने पुलिस विभाग, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के साथ समन्वय किया है। रैली के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश और सहयोग उपलब्ध कराया गया है। आयोजकों ने रैली के सफल संचालन में सहयोग के लिए जिला प्रशासन लाहौल-स्पीति, पुलिस, डीडीएमए, बीआरओ और अन्य विभागों का आभार जताया।
यह भी पढ़ें: ऑपरेशन कर मरीज के पेट में ही सर्जिकल सामान भूल गए 'डॉक्टर साहब'
जांस्कर को एडवेंचर टूरिज्म के नक्शे पर लाने की कोशिश
रैली में इस बार केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का पर्यटन विभाग भी प्रायोजक के रूप में जुड़ा है। जांस्कर के दुर्गम भूभाग से होकर गुजरने वाली रैली को क्षेत्र को साहसिक पर्यटन के उभरते गंतव्य के रूप में पहचान दिलाने के प्रयास से भी जोड़ा जा रहा है। दारचा से रवाना हुआ यह चरण सिर्फ मोटरस्पोर्ट प्रतियोगिता नहीं, बल्कि हिमालय की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में मानव साहस, तकनीक और रोमांच की एक बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
