महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को गढ़चिरौली जिले में आदिवासी बच्चों के लिए एक सरकारी मदद वाले रेजिडेंशियल स्कूल (आश्रमशाला) का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिया। सीएम ने यह कड़ा फैसला इसी स्कूल में सांप के काटने से तीन आदिवासी लड़कियों की मौत होने के बाद लिया।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने पूरे महाराष्ट्र में आदिवासी बच्चों के लिए 500 से ज्यादा मदद वाले आश्रम या रेजिडेंशियल स्कूलों का थर्ड-पार्टी ऑडिट कराने का भी फैसला किया है। अधिकारियों ने बताया कि स्कूल में रविवार रात तीन लड़कियों की सांप के काटने से मौत हो गई थी।
यह भी पढ़ें: 'CM छात्रों से बात करें, दिनारा हत्याकांड को जातीय रंग देना गलत', भाई वीरेंद्र
जांच करने वाला अधिकारी सस्पेंड
यह दर्दनाक हादसा गढ़चिरौली के जपतलाई गांव में हुई। सीएम फडणवीस ने आदेश दिया कि स्कूल का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिया जाए और जिस अधिकारी ने हाल ही में स्कूल की जांच की थी और कमियों के बावजूद अच्छी रिपोर्ट दी थी, उसे सस्पेंड कर दिया जाए।
कैसे खतरे में पड़ी लड़कियों की सुरक्षा?
आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके ने मुंबई में मंत्रिमंडल की बैठक में इस घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उइके ने सवाल उठाया कि कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद मारोतराव कोवासे जैसा व्यक्ति आश्रम स्कूल को इस तरह कैसे चला सकता है कि लड़कियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई।
बुनियादी सुविधाओं की भी कमी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आश्रम स्कूल में न तो शिक्षक हैं और न ही वार्डन और सरकारी अनुदान मिलने के बावजूद वहां बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है। फडणवीस ने मुख्य सचिव से एक बैठक करके आश्रमशालाओं के लिए एक व्यापक निरीक्षण तंत्र स्थापित करने को भी कहा है।
यह भी पढ़ें: हिमाचल में मॉनसून का कहर, 157 लोगों की मौत, लैंडस्लाइड से 260 सड़कें बंद
50 लड़कियां नीचे सो रही थीं
सूत्रों के अनुसार, मंत्रियों ने बच्चों की मौत पर शोक जताया और इन सहायता-प्राप्त आश्रम स्कूलों की खराब स्थिति पर चर्चा की। साथ ही इस बात पर भी विचार किया कि स्थिति कैसी सुधारी जा सकती है। मंत्री उइके ने बताया कि रविवार रात छात्रावास में 50 लड़कियां नीचे सो रही थीं, उसी दौरान एक सांप ने उनमें से छह को डस लिया। उन्होंने कहा कि उस वक्त वार्डन नहीं था। उन्होंने कहा कि इस घटना की व्यापक जांच कराई जाएगी।
