बिहार के सीतामढ़ी जिले के गाढ़ा थाना क्षेत्र से पुलिस ने देश विरोधी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के आरोप में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों पाकिस्तान स्थित लोगों के संपर्क में थे और सोशल मीडिया के जरिए देश में अशांति फैलाने की साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार युवकों की पहचान टकौर गांव निवासी मो अखलाक और मो. अरमान के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

 

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में दोनों संदिग्धों के इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के जरिए पाकिस्तान में बैठे लोगों से संपर्क में होने के संकेत मिले हैं। आरोप है कि पाकिस्तान से उन्हें देश में सामाजिक अशांति फैलाने और अन्य देश विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाया जा रहा था। पुलिस को उनके चैट और कॉल डिटेल से कई संदिग्ध नंबर मिले हैं। इस मामले की जांच अब गहराई से की जा रही है।

 

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मोबाइल से मिला पाकिस्तान का नंबर

पुलिस ने गिरफ्तार दोनों संदिग्धों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। मोबाइल की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि मोबाइल से पाकिस्तान के एक व्यक्ति राणा हसनैन का नंबर मिला है। अब पुलिस चैट, कॉल डिटेल, फोटो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी। जांच एजेंसियां ये भी पता लगा रही हैं कि गिरफ्तार दोनों संदिग्धों का कटिहार में दर्ज कांड के आरोपितों से कोई संबंध है या नहीं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस एंगल से भी जांच की जा रही है। 

 

अगर दोनों मामलों में कोई कनेक्शन मिला तो मामला और गंभीर हो सकता है। पुलिस इस मामले में टकौर गांव निवासी अब्दुल अहद की भी तलाश कर रही है। आशंका है कि वह भी इस कथित नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। पुलिस टीम लगातार उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उसे गिरफ्तार करने के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा। पुलिस ने गिरफ्तार अखलाक और  अरमान को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब पुलिस रिमांड लेकर उनसे पूछताछ करेगी और मोबाइल के डेटा के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

 

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क्या बोले अधिकारी?

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। साइबर सेल और खुफिया एजेंसियों की मदद ली जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पाकिस्तान कनेक्शन के संकेत मिले हैं लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।