मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने BJP सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव का नाम लेते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसके कैप्शन में लिखा, 'मध्य प्रदेश में कानून नहीं, तालिबानी शासन चल रहा है।' वीडियो में दो युवकों को खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटते हुए दिखाया गया है। इतना ही नहीं, बिजली के झटके भी दिलवाए जा रहे हैं।
यह घटना रायसेन कोतवाली थाना क्षेत्र के करमोदिया गांव की बताई जा रही है। पीड़ित युवक धानियाखेड़ी गांव के बैरागी समुदाय से हैं। ग्रामीणों को उन पर सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाली पंप मोटर चोरी करने का शक था। आरोप है कि इसी शक के आधार पर उन्हें खेत में ले जाकर खंभे से बांधा गया, मारपीट की गई और अन्य कथित साथियों के नाम उगलवाने के लिए अमानवीय तरीके अपनाए गए। वीडियो सामने आने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इसका संज्ञान लिया है। पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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उमंग सिंघार ने कानून-व्यवस्था को लेकर लगाए गंभीर आरोप
उमंग सिंघार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक किसान को सरेआम गोली मार दी जाती है, तो रायसेन में चोरी के महज़ शक में दो युवकों को खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा जाता है और उन्हें करंट लगाया जाता है। ये दोनों घटनाएं बताती हैं कि प्रदेश में अपराधियों के साथ-साथ अब भीड़ के मन से भी कानून का डर खत्म हो चुका है।'
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उन्होंने आगे लिखा 'जब सरकार कानून व्यवस्था संभालने में विफल हो जाती है, तब अपराधी बेखौफ घूमते हैं और लोग न्याय अपने हाथ में लेने लगते हैं। यह किसी भी लोकतांत्रिक राज्य के लिए बेहद खतरनाक स्थिति है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी, मध्यप्रदेश की जनता जानना चाहती है कि आपकी सरकार में आम नागरिक और किसान आखिर कब सुरक्षित होंगे? प्रदेश को कानून का राज चाहिए, न कि अपराधियों और अराजकता का जंगलराज। जनता जवाब माँग रही है।'
चोरी कबूल कराने के लिए दिए बिजली के झटके
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने युवकों को ऐसे बिजली के उपकरण से करंट दिया, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर खेतों में जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए किया जाता है। ग्रामीणों का मकसद युवकों से चोरी कबूल करवाना और यह पता लगाना था कि इस वारदात में और कौन-कौन शामिल है। हालांकि, कानून अपने हाथ में लेने की इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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जानकारी के मुताबिक, यह घटना 4 जुलाई की है लेकिन मामला तब सामने आया जब शनिवार शाम इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में कुछ लोग दोनों युवकों को खंभे से बांधकर पीटते और उन्हें बिजली के झटके देते नजर आ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। NHRC के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने भी वीडियो शेयर करते हुए बताया कि आयोग ने मामले का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
