उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुराने सिस्टम पर तंज कसते हुए कहा कि पहले एक बार फाइल बंद हो जाती थी तो उसे दोबारा खुलवाना बेहद मुश्किल होता था, फिर चाहे यमराज ही क्यों न आ जाएं। उन्होंने यह बात बुधवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। CM योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य में पुलिस भर्ती प्रक्रिया अब पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक मजबूत, जवाबदेह और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासनिक व्यवस्था बनाना है।

 

CM योगी ने यह भी बताया कि पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम को लागू करना उनकी सरकार के बड़े प्रशासनिक सुधारों में से एक है, जिससे कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पुराने सिस्टम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में हालात ऐसे थे कि प्रशासनिक स्तर पर कई फाइलें दबा दी जाती थीं और उन्हें दोबारा खोलना लगभग असंभव होता था।

 

उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, 'एक बार फाइल बंद हो जाए तो उसे खोलना इतना मुश्किल था कि अगर यमराज भी आ जाएं, तब भी काम आसान नहीं होता था।' CM ने दावा किया कि अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और सिस्टम में पारदर्शिता लाई गई है।

 

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भर्ती प्रक्रिया में रिकॉर्ड आवेदन

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में 930 कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। वहीं लगभग 35,000 कांस्टेबल पदों के लिए हुई परीक्षा में करीब 28 लाख युवाओं ने आवेदन किया। उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश में करीब 2.15 लाख पुलिस कर्मियों की भर्ती पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की गई है, जिसमें किसी तरह की सिफारिश या भेदभाव नहीं हुआ।

 

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CM ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में सिर्फ 4 फॉरेंसिक लैब थीं, जो अब बढ़कर 12 हो गई हैं। इसके अलावा हर जिले में मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट बनाई गई है ताकि अपराधों की जांच तेजी से हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पहले से काफी बेहतर है, निवेश बढ़ा है और राज्य में नई फैक्ट्रियों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है।

पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम से मजबूत हुई व्यवस्था

CM योगी ने बताया कि राज्य में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम को सात जिलों में लागू किया जा चुका है। इसकी शुरुआत 2020 में गौतम बुद्ध नगर और लखनऊ से हुई थी, जिसके बाद इसे वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद, कानपुर और आगरा में भी लागू किया गया। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम पुलिस प्रशासन को अधिक अधिकार और जवाबदेही देता है, जिससे कानून-व्यवस्था बेहतर तरीके से संभाली जा रही है।