उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रोपवे प्रोजेक्ट का काम अपने अंतिम चरण में है और ट्रायल जारी है। इस बीच अब इसका किराया भी तय कर दिया गया है। वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक जाने के लिए 50 रुपये देने होंगे। सबसे कम किराया 8 रुपये होगा जो विद्यापीठ से रथयात्रा स्टेशन के बीच लगेगा। यह भी कहा गया है कि हर साल 1 अप्रैल को इस किराए में 5 प्रतिशत की बढ़ोती भी की जाएगी। बताया गया है कि 4.2 किलोमीटर की इस दूरी को तय करने में 15 से 16 मिनट का समय लगेगा जबकि अभी जाम के चलते इतनी ही दूरी तक जाने में 30 से 45 मिनट तक लग जाते हैं।


वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि प्रशासन ने हाल में निर्माणाधीन रोपवे परियोजना की किराया संरचना को अंतिम रूप दे दिया है। उन्होंने बताया कि वाराणसी छावनी स्टेशन से गोदौलिया तक की पूरी यात्रा का किराया 50 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं, विभिन्न स्टेशनों के बीच कम दूरी की यात्रा के लिए अलग-अलग किराया लिया जाएगा। पूर्ण बोरा ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए स्मार्ट पास की व्यवस्था भी की गई है, जिससे नियमित यात्रियों को लाभ मिलेगा। स्मार्ट पास के साथ छावनी से गोदौलिया तक की यात्रा 40 रुपये में की जा सकेगी, जबकि विद्यापीठ से रथयात्रा स्टेशन तक के सफर के लिए आठ रुपये देने होंगे।

 

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हर साल बढ़ेगा किराया

उन्होंने बताया कि निर्धारित किराया दरों में हर साल 1 अप्रैल से 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। पूर्ण बोरा के अनुसार, रोपवे के संचालन से यात्रा कम समय में और अधिक आरामदायक तरीके से पूरी हो सकेगी। कैंट से गोदौलिया तक का सफर महज 15 से 16 मिनट में पूरा होगा जबकि सड़क मार्ग से यही दूरी तय करने में सामान्यतः 30 से 45 मिनट लगते हैं। उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए कैंट रेलवे स्टेशन पर लॉकर रूम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। टिकट लेने वाले लोगों को शुरुआती दो घंटे तक सामान रखने की सुविधा नि:शुल्क मिलेगी। इसके बाद 15 किलोग्राम तक के सामान के लिए 50 रुपये प्रति घंटा शुल्क देना होगा।

उन्होंने बताया कि ग्रुप में यात्रा करने के लिए प्रीमियम गोंडोला सेवा का किराया 2,000 रुपये प्रति यात्रा निर्धारित किया गया है। किसी संस्था या समूह की ओर से पहले से रिजर्वेशन कराने पर प्रति गोंडोला प्रति यात्रा 1,200 रुपये शुल्क देना होगा। वाराणसी रोपवे परियोजना भारत की पहली और दुनिया की तीसरी सार्वजनिक परिवहन रोपवे परियोजना है। लगभग 4.2 किलोमीटर लंबा यह रोपवे छावनी रेलवे स्टेशन (वाराणसी जंक्शन) को चर्च स्क्वायर (गोदौलिया) से जोड़ेगा।

 

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क्या है रोपवे प्रोजेक्ट?

वाराणसी में कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया के बीच बनाए गए इस प्रोजेक्ट में हवा में केबल के सहारे चलने वाले गोंडोला चलाए जाएंगे। इनमें एक बार में 10 लोग बैठ सकेंगे और कम समय में यात्रा कर सकेंगे। इसे नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया और VSE ने मिलकर बनाया है और इसकी कुल लागत 807 करोड़ आई है।