बिहार में भू-माफिया के खिलाफ सरकार ने कुछ भूमि सुधार नियमों में बदलाव किया है। अब जमीन दाखिल-खारिज के नियमों में बदलाव किया गया है। नए नियमों के मुताबिक हर जमीन के दाखिल-खारिज रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। जमीन की दाखिल-खारिज प्रक्रिया के दौरान पुराने रिकॉर्ड से मिलान करना पड़ेगा। यानी दाखिल-खारिज की मंजूरी देने से पहले अधिकारियों को पूरी तरह जांच करनी होगी कि जो व्यक्ति जमीन बेच रहा है, उसी व्यक्ति के नाम से वह जमीन सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है या नहीं। यानी जमीन से जुड़े पुराने रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा। इस नियम के जरिए जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े पर लगाम कसी जाएगी।
जमीन की दाखिल-खारिज के नए नियम राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने लागू किए हैं। विभाग ने आदेश दिया है कि अब दाखिल-खारिज के हर आवेदन की जांच भूमि पोर्टल के जरिए की जाएगी, जहां 2014 के दाखिल-खारिज नियमों में बदलाव किए गए हैं। अब सवाल उठता है कि जमीन का दाखिल-खारिज रिकॉर्ड क्या है, साथ ही यह भी सवाल उठता है कि नियमों में क्या बदलाव किया गया है। आइए इन सवालों के जवाब जानते हैं।
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क्या है जमीन का दाखिल-खारिज?
जब कोई व्यक्ति जमीन खरीदता है तो उसे सरकारी रिकॉर्ड में पुराने मालिक का नाम खारिज करवाकर अपना नाम दर्ज करवाना पड़ता है। अगर व्यक्ति यह प्रक्रिया नहीं कराता है तो वह जमीन कागजी तौर पर पुराने मालिक की ही मानी जाएगी। इससे जमीन खरीदने वाला सरकारी रिकॉर्ड के हिसाब से जमीन का मालिक नहीं माना जाएगा। इसके कारण व्यक्ति को वह जमीन बेचने या बैंक से लोन लेने में दिक्कतें आ सकती हैं।
दाखिल-खारिज के नए नियम क्या हैं?
नए नियमों के मुताबिक अब से राज्य सरकार किसी भी सरकारी जमीन का ट्रांसफर कर सकती है। इसके तहत 10 एकड़ तक की सरकारी जमीन को जिलाधिकारी दूसरे विभाग को दे सकते हैं। अगर जमीन 20 एकड़ तक की हो तो ट्रांसफर का प्रस्ताव प्रमंडलीय आयुक्तों के पास जाएगा। 20 एकड़ से अधिक जमीन के ट्रांसफर के लिए पहले कैबिनेट की मंजूरी लेनी पड़ेगी।
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2014 के नियमों के मुताबिक डीएम सिर्फ 3 एकड़ तक की जमीन ट्रांसफर कर सकते थे, वहीं प्रमंडलीय आयुक्त 3 से 5 एकड़ तक की जमीन ट्रांसफर करने का अधिकार रखते थे। सरकार के मुताबिक पहले स्कूल, अस्पताल और अन्य सरकारी योजनाओं के लिए जमीन ट्रांसफर कराने में काफी समय लगता था, जिस वजह से राज्य के विकास कार्य सुस्त पड़ जाते थे। इसी कारण नियमों में यह बदलाव किया गया है।


