पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधा से जुड़ी एक अहम योजना शुरू की गई है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (MMSBY) को अगस्त 2026 में लागू किया है। जिसके तहत पात्र परिवारों को इलाज के खर्च के लिए हर साल 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाएगा। यह योजना मुख्य रूप से उन परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए लाई गई है जो केंद्र की आयुष्मान भारत योजना के दायरे में नहीं आते हैं। हालांकि, इसका लाभ देशभर के आयुष्मान भारत से जुड़े अस्पतालों में भी लिया जा सकेगा।
इस योजना का उद्देश्य गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में परिवारों पर पड़ने वाले बड़े इलाज के खर्च का आर्थिक बोझ कम करना है। सरकार के मुताबिक, MMSBY के जरिए ऐसे परिवारों को स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा दी जाएगी जो दूसरी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं से कवर नहीं हैं।
कौन-कौन योजना का लाभ ले सकता है?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (MMSBY) मुख्य रूप से उन स्थायी निवासियों और परिवारों के लिए है। जो राज्य की 'स्वास्थ्य साथी' योजना में शामिल हैं लेकिन आयुष्मान भारत योजना के लिए पात्र नहीं हैं। इसके अलावा, परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपए या उससे कम होना जरूरी है। इस योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा देना है, जिन्हें किसी दूसरी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। पात्र परिवार को हर साल 5 लाख रुपए तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर मिल सकता है।
यह भी पढ़ें: एयरपोर्ट पर सामान खो जाए तो कैसे मिलेगा मुआवजा? जानें क्लेम करने का तरीका
किन बीमारियों का इलाज कवर होगा?
MMSBY के तहत पात्र परिवारों को secondary और tertiary care hospitalisation के लिए स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाएगा। यानी गंभीर बीमारी, सर्जरी या ऐसे इलाज जिनमें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है। उन्हें योजना के दायरे में शामिल किया गया है। योजना के तहत पहले से मौजूद बीमारियों का इलाज भी पहले दिन से कवर किए जाने का प्रावधान है। इस योजना का लाभ लेने वाले परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने पर इलाज के खर्च से बड़ी आर्थिक राहत मिल सकती है। हालांकि, किसी खास बीमारी या उपचार का कवर योजना में निर्धारित पैकेज और संबंधित अस्पताल की पात्रता पर निर्भर करेगा। इसलिए इलाज कराने से पहले यह जांच करना जरूरी है कि संबंधित बीमारी या प्रक्रिया MMSBY के तहत कवर है या नहीं।
क्या सभी अस्पतालों में इलाज मिलेगा ?
MMSBY के तहत पात्र लाभार्थियों को सरकारी और सूचीबद्ध प्राइवेट अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलने का प्रावधान है। योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा उन अस्पतालों में मिलेगी जो संबंधित योजना के लिए सूचीबद्ध हैं। इसके अलावा, MMSBY के लाभार्थी 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज का लाभ ले सकते हैं। हालांकि, किसी भी प्राइवेट अस्पताल में जाकर सीधे योजना का लाभ नहीं लिया जा सकता। इलाज कराने से पहले यह देखना जरूरी है कि अस्पताल MMSBY या संबंधित सरकारी स्वास्थ्य योजना के लिए सूचीबद्ध है या नहीं।
यह भी पढ़ें: Airbnb या होटल, किस ट्रिप के लिए कौन-सा विकल्प है बेहतर?
कैसे आवेदन करें ?
MMSBY का लाभ लेने के लिए पात्र लोगों को योजना के तहत अपना पंजीकरण कराना होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार राज्य में पात्र लाभार्थियों के लिए MMSBY कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लाभार्थी अपने जरूरी दस्तावेजों के साथ संबंधित सरकारी प्रक्रिया के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के दौरान लाभार्थी की पहचान, निवास और पात्रता से जुड़ी जानकारी का सत्यापन किया जा सकता है। पात्रता पूरी होने के बाद लाभार्थी को MMSBY कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। जिसके जरिए सूचीबद्ध अस्पतालों में योजना के तहत कैशलेस इलाज का लाभ लिया जा सकेगा।
कैसे मिलेगा MMSBY का कार्ड?
MMSBY के लिए पात्र लाभार्थियों को MMSBY हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा। जिन लोगों का पहले से स्वास्थ्य साथी में पंजीकरण है। वे आधिकारिक पोर्टल पर अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर से पात्रता की जांच कर सकते हैं। पात्रता की पुष्टि होने के बाद कार्ड जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अगर कोई परिवार अभी 'स्वास्थ्य साथी' में पंजीकृत नहीं है तो वह आधिकारिक पोर्टल के अलावा Duare Sarkar कैंप, BDO ऑफिस या नगरपालिका कार्यालय के माध्यम से पंजीकरण करा सकता है। इसके लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड और आय से जुड़े दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। हालांकि, MMSBY कार्ड पात्र लाभार्थियों को मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा और इसी कार्ड के जरिए सूचीबद्ध अस्पतालों में योजना के तहत कैशलेस इलाज का लाभ लिया जा सकेगा।
