बिहार के धनरुआ थाना क्षेत्र की रहने वाली 21 साल की पूजा कुमारी एक गुट के जाल में फंस गई। आरोपियों ने पूजा और उसकी 4 साल और 3 साल की दो बेटियों को राजस्थान के कोटा ले जाकर 25 हजार रुपये में बेच दिया। वहीं, उसकी 2 साल की तीसरी बेटी को पटना में ही छोड़ दिया। जानकारी मिलते ही धनरुआ पुलिस तुरंत हरकत में आई और तेजी से कार्रवाई करके पूजा और उसकी दोनों बेटियों को सही-सलामत बचा लिया। पुलिस ने इस मामले में 4 महिलाओं समेत गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है जबकि 2 साल की तीसरी बेटी की तलाश अभी जारी है।
23 जून को पूजा कुमारी पड़ोस की एक महिला सुशीला देवी के बहकावे में आ गई। सुशीला ने पूजा से कहा कि वह राजस्थान के कोटा में उसे और उसकी बेटियों को अच्छा काम दिला देगी। पूजा के घर में पैसों की तंगी थी और वह पारिवारिक परेशानी से जूझ रही थी वह उसकी बातों में आ गई। आरोपी पूजा को उसकी 4 साल और 3 साल की दो बेटियों के साथ कोटा ले गए और वहां एक अनजान आदमी को बेच दिया। वहीं 2 साल की तीसरी बेटी को पटना में एक महिला के पास यह कहकर छोड़ दिया कि 3 बच्चों के साथ काम करने में दिक्कत होगी।
यह भी पढ़ें: नाम की गलतफहमी में पुलिस ने बेकसूर को पकड़ा, थाने के अंदर दी थर्ड डिग्री
कोटा पहुंचने के बाद खरीदार ने पूजा का मोबाइल फोन छीन लिया। पूजा ने हिम्मत नहीं हारी और वहां के एक स्थानीय आदमी की मदद से अपनी सास को धनरुआ फोन किया। रोते हुए पूजा ने पूरी घटना बताई और अपनी जान बचाने की भीख मांगी। सास ने बिना देर किए तुरंत धनरुआ थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई।
अस्पताल की आड़ में तस्करी
पुलिस ने सबसे पहले पभेड़ा गांव की रहने वाली सुशीला देवी को पकड़ा। उसकी मदद से पुलिस ने गिरोह की 3 और महिलाओं को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों में गया की रहने वाली सुषमा कुमारी भोजपुर की रहने वाली सुनीता देवी और उसका पति अनिल राम तथा पटना की रहने वाली नीलू देवी शामिल हैं। ये सभी आरोपी पटना के राजाबाजार इलाके में रहकर एक निजी अस्पताल में काम करते थे। पुलिस को शक है कि ये लोग अस्पताल में काम करने के बहाने इंसानों को बेचने का धंधा चलाते थे।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस जब आरोपियों को लेकर कोटा जाने की तैयारी कर रही थी, तो पुलिस के डर से आरोपियों ने अपने नेटवर्क के जरिए पूजा और उसकी दोनों बेटियों को तुरंत पटना बुलवा लिया। पुलिस ने पटना से ही तीनों को सही-सलामत अपने पास ले लिया। मेडिकल जांच के बाद तीनों को परिवार को सौंप दिया जाएगा।
2 साल की बेटी अभी भी लापता
धनरुआ के थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि पूजा की 2 साल की तीसरी बेटी अभी तक नहीं मिल पाई है। आरोपी ने उसे पटना में जिस महिला के पास छोड़ा था पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। पूछताछ के बाद चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
पूछताछ में सामने आया कि पूजा का पति राजू गिरी महाराष्ट्र की एक निजी कंपनी में काम करता है और शराब पीने के कारण पति-पत्नी के संबंध ठीक नहीं थे। घर में पैसों की भारी तंगी थी, जिसका फायदा उठाकर गिरोह ने पूजा को फंसाया था। थाना प्रभारी ने कहा कि यह गिरोह महिलाओं को टारगेट करता है। पुलिस अब गिरोह के दूसरे सदस्यों, पैसों के लेनदेन और कोटा के खरीदार की तलाश कर रही है। अस्पताल प्रबंधन से भी पूछताछ शुरू कर दी गई है।
यह भी पढ़ें: नाम की गलतफहमी में पुलिस ने बेकसूर को पकड़ा, थाने के अंदर दी थर्ड डिग्री
एसपी ने कहा कि यह मानव तस्करी का एक गंभीर मामला है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करके मां और दो बच्चियों को बचा लिया है। तीसरी बच्ची को ढूंढने के लिए एक टीम बनाई गई है। सभी आरोपियों पर अपहरण और मानव तस्करी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है और इस पूरे नेटवर्क को खत्म किया जाएगा।
