उत्तर प्रदेश के लखनऊ से फर्स्ट AC कोच में चोरी की घटना का एक मामला सामने आया है। एक महिला ने वीडियो बनाकर अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी है। उसने बताया कि लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन नंबर 15726 के फर्स्ट AC कोच में यात्रा कर रही एक महिला के लगभग 2.5 लाख रुपये के गहने और 25000 रुपये कैश चोरी हो गए। इस वीडियो को अखिलेश यादव ने पोस्ट कर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर सवाल खड़ा किया है। इस घटना के बाद रेलवे की सुरक्षा पर सवाल खड़ा किया जा रहा है।
2 नवंबर को सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट के मुताबिक, महिला को चोरी का तुरंत पता नहीं चला था। कुछ देर बाद जब उसने अपना कीमती सामान गायब देखा तो यात्रा के दौरान वह घबरा गई। इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि मदद मांगने के बावजूद उसकी मदद के लिए कोई नहीं आया।
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वीडियो में महिला ने क्या बताया?
घटना के बाद महिला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें वह रोते-बिलखते अपने साथ हुई पूरी घटना के बारे में बता रही है। यह वीडियो तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो गया और लोगों ने प्रीमियम यानी फर्स्ट एसी जैसी श्रेणियों में मिलने वाली सुरक्षा पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
वायरल वीडियो के अनुसार, महिला ने चोरी की घटना की शिकायत के लिए कई बार प्रयास किया पर उसे किसी भी तरह की मदद नहीं मिली। उसने रेलवे सुरक्षा प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश भी की। महिला ने कहा कि उसने रेलवे सुरक्षा कर्मचारियों का ध्यान खींचने के लिए चार बार इमरजेंसी चैन खींची लेकिन इसके बावजूद कोई भी रेलवे पुलिसकर्मी उसकी मदद के लिए मौके पर नहीं पहुंचा।
अखिलेश यादव ने किया सवाल
इस घटना के बाद महिला के वीडियो को पोस्ट करते हुए प्रदेश की बीजेपी सरकार से सवाल किया है। उनका कहना है कि भाजपा मतलब ही अराजकता है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'भाजपा ही अराजकता है! भाजपा राज में कोई अपराधी नहीं पकड़ा जाएगा क्योंकि जो अपराधी होगा वो भाजपा में कहीं कोई पदाधिकारी होगा। नारी के आँसू भाजपा की सत्ता को बहा ले जाएंगे!'
RPF ने दिया जवाब
मामले के सोशल मीडिया पर तूल पकड़ने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के आधिकारिक अकाउंट ने इस पोस्ट पर संज्ञान लिया है। RPF की ओर से कहा गया है कि मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है और जरूरी कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल महिला के लगाए गए इन आरोपों के आधार पर यह तय नहीं हुआ है कि चोरी किसने की या सुरक्षा में किस स्तर पर लापरवाही हुई है। पूरे मामले की सच्चाई रेलवे की आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी। सवाल तो यह उठता है कि आम तौर पर फर्स्ट एसी को ट्रेन की सबसे सुरक्षित श्रेणी माना जाता है। ऐसे में वहां चोरी होना और इमरजेंसी चैन खींचने पर भी सुरक्षाबल का न पहुंचना यात्रियों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ा रहा है।
