उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में मंगलवार शाम एक परिवार पर ऐसा दुखों का पहाड़ टूटा, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। 17 वर्षीय बेटे ने घर की तीसरी मंजिल पर फांसी लगाकर जान दे दी। बेटे का शव फंदे पर लटका देख मां सदमे में आ गईं और बदहवासी में तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। गंभीर हालत में उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एक ही घर से मां-बेटे की मौत के बाद पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
घटना हरदोई के देहात कोतवाली क्षेत्र स्थित पिहानी चुंगी इलाके की है। यहां रहने वाले रामप्रकाश गुप्ता का 17 वर्षीय पुत्र हिमांशु गुप्ता मंगलवार शाम करीब पांच बजे घर की तीसरी मंजिल पर बने कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे से लटका मिला। परिवार के लोगों ने जब उसे देखा तो घर में चीख-पुकार मच गई।
बेटे को देखकर मां ने भी दे दी जान
बताया जा रहा है कि बेटे को फंदे पर लटका देख उसकी मां गीता गुप्ता (45) गहरे सदमे में आ गईं। बदहवास हालत में वह तीसरी मंजिल से नीचे कूद गईं। गंभीर रूप से घायल गीता गुप्ता को परिजन तत्काल मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
यह भी पढ़ें: 16 साल की लड़की का अपहरण किया, 70 साल के बूढ़े ने किया रेप, 5 गिरफ्तार
पहले बड़े बेटे ने भी कर ली थी आत्महत्या
परिजन के मुताबिक, परिवार पहले भी एक बड़ा हादसा झेल चुका है। करीब दो वर्ष पहले हिमांशु के बड़े भाई ने भी खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद हिमांशु ही परिवार का इकलौता बेटा बचा था। पड़ोसियों का कहना है कि माता-पिता उसकी हर इच्छा पूरी करते थे और उससे परिवार को काफी उम्मीदें थीं। ऐसे में उसने यह कदम क्यों उठाया, इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है।
मां-बेटे की मौत की खबर फैलते ही पिहानी चुंगी इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। एक ही परिवार में दोहरे हादसे ने सभी को स्तब्ध कर दिया। पड़ोसियों और परिचितों का कहना है कि परिवार पहले से ही बड़े बेटे की मौत के दर्द से उबर नहीं पाया था और अब यह दूसरी त्रासदी पूरे परिवार को तोड़ गई।
यह भी पढ़ें: ई-चालान पर बड़ा बदलाव: हर जिले में तैनात होंगे खास अधिकारी, 30 दिन में फैसला
पुलिस कर रही जांच, पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
घटना की सूचना मिलते ही देहात कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अपर पुलिस अधीक्षक सुबोध गौतम ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। हालांकि, युवक द्वारा यह कदम उठाने के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस परिजन से पूछताछ कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल की जा रही है। यदि आपके मन में आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे विचार आ रहे हों, या आप किसी ऐसे व्यक्ति को लेकर चिंतित हों, तो किसी भरोसेमंद परिजन, मित्र या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत बात करें। समय पर मदद मिलना बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है।
