मेटा एक ऐसा स्मार्ट चश्मा तैयार कर रही है जिसमें कैमरा नहीं होगा। इस नए मॉडल का नाम लूना रखा गया है। यह मौजूदा कैमरा वाले स्मार्ट चश्मों से अलग होगा। इसमें फोटो और वीडियो रिकॉर्ड करने की सुविधा नहीं होगी। इसकी जगह आवाज के जरिए AI फीचर्स इस्तेमाल करने पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। नए स्मार्ट चश्मे को इस साल सितंबर में होने वाले मेटा के डेवलपर इवेंट में पेश किया जा सकता है और अक्टूबर में इसकी बिक्री शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि कंपनी ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

 

लूना में छह माइक्रोफोन लगाए जाने की बात सामने आई है। चश्मे के साइड में एक बटन भी हो सकता है जिससे फोन निकाले बिना मेटा AI को इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसमें मेटा का नया AI एजेंट Muse भी काम कर सकता है। यानी कैमरा हटने के बाद भी चश्मे में आवाज से काम करने वाले कई फीचर्स मिल सकते हैं।

 

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कैमरा क्यों हटाया जा रहा है?

स्मार्ट चश्मों में कैमरा होने की वजह से प्राइवेसी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कैमरे से आसपास के लोगों की फोटो और वीडियो रिकॉर्ड की जा सकती है। कई बार सामने वाले व्यक्ति को इसकी जानकारी भी नहीं होती। इसी वजह से स्मार्ट चश्मों के इस्तेमाल को लेकर कई जगह प्राइवेसी की चिंता बढ़ी है। मेटा के मौजूदा स्मार्ट चश्मों में रिकॉर्डिंग शुरू होने पर एक सफेद लाइट जलती है। इसका मकसद आसपास के लोगों को यह बताना है कि चश्मे से फोटो या वीडियो रिकॉर्ड हो रहा है। नए मॉडल में कैमरा ही नहीं होगा इसलिए इस तरह की रिकॉर्डिंग से जुड़ी परेशानी को कम किया जा सकता है।

 

मेटा के स्मार्ट चश्मों को लेकर प्राइवेसी का सवाल पहले भी उठ चुका है। इसी साल मेटा AI ऐप में चेहरे की पहचान से जुड़े एक फीचर का कोड मिला था। इसका नाम नेमटैग था। इसमें चश्मे के कैमरे से दिखने वाले चेहरे की पहचान करने और उसकी जानकारी को दूसरे डेटा से मिलाने की सुविधा हो सकती थी। यह कोड सामने आने के करीब एक दिन बाद ऐप से हटा दिया गया। बाद में मेटा ने कहा कि इस फीचर को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ था।

 

इस मामले के बाद स्मार्ट चश्मों में कैमरा और चेहरे की पहचान को लेकर प्राइवेसी की चिंता और बढ़ गई। ऐसे में कैमरा-फ्री लूना मॉडल मेटा के स्मार्ट चश्मों से अलग होगा। मेटा के मौजूदा स्मार्ट चश्मों में अगर कोई व्यक्ति रिकॉर्डिंग वाली लाइट को ढकने या उसके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश करता है तो कैमरा काम करना बंद कर सकता है। इसका मकसद बिना जानकारी के वीडियो रिकॉर्ड करने की कोशिश को रोकना है। नए मॉडल में कैमरा ही नहीं होगा इसलिए रिकॉर्डिंग लाइट की भी जरूरत नहीं होगी।

लूना में मिल सकते हैं ये फीचर्स

लूना में कैमरा नहीं होगा लेकिन इसे सिर्फ साधारण चश्मा नहीं बनाया जा रहा है। इसमें छह माइक्रोफोन, स्पीकर और साइड बटन हो सकता है। यूजर आवाज के जरिए AI से बात कर सकेगा। फोन निकाले बिना कुछ काम करने के लिए मेटा AI का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें Muse AI एजेंट का सपोर्ट भी मिलने की बात सामने आई है।

 

इसमें फोटो खींचने या वीडियो रिकॉर्ड करने का फीचर नहीं होगा। इससे चश्मे का इस्तेमाल मुख्य रूप से आवाज, AI और दूसरे स्मार्ट फीचर्स के लिए किया जा सकेगा। कैमरा हटने से चश्मे के फ्रेम और साइड वाले हिस्से को थोड़ा पतला बनाने की संभावना है। लूना के लिए क्लबमास्टर और बरबैंक जैसे डिजाइन पर काम होने की जानकारी सामने आई है। 

 

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सितंबर में हो सकता है लॉन्च

लूना को सितंबर 23 और 24 को होने वाले मेटा के डेवलपर इवेंट में पेश किए जाने की उम्मीद है। इसके बाद अक्टूबर में इसकी बिक्री शुरू हो सकती है। अभी यह साफ नहीं है कि इसकी कीमत कितनी होगी और भारत समेत दूसरे देशों में इसे कब उपलब्ध कराया जाएगा।

 

मेटा के इंस्टाग्राम प्रमुख एडम मोसेरी ने कहा कि कंपनी नहीं चाहती कि किसी की जानकारी के बिना उसका वीडियो बनाया जाए। इसी वजह से रिकॉर्डिंग के समय चश्मे में सफेद लाइट जलती है। अगर कोई उस लाइट को हटाने या बंद करने की कोशिश करता है तो चश्मा काम करना बंद कर देता है। उनका कहना है कि इससे लोगों की बिना जानकारी के वीडियो बनाने और बाद में उसे सोशल मीडिया पर डालने से रोका जा सकेगा।