अगर आप भी रिसर्च करना चाहते है और देश के विकास में अपना योगदान देना चाहते हैं तो भारत सरकार आपके लिए एक शानदार मौका लेकर आई है। शिक्षा मंत्रालय ने प्राइम मिनिस्टर रिसर्च चेयर योजना (PMRC) की शुरुआत की है। इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में फैले भारतीय मूल के बेहतरीन वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और प्रोफेशनल्स को वापस भारत बुलाना है। इसके जरिए सरकार उन्हें देश के बड़े और प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे IIT और IISc में रिसर्च करने के लिए सुविधाएं और करोड़ों रुपये की फंडिंग दे रही है।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए उम्मीदवारों को ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करना होगा। इस योजना की अंतिम तिथि क्या है, आवेदन कैसे करें, कौन-कौन आवेदन कर सकता है और योजना के तहत कितनी वित्तीय सहायता मिलेगी, आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज क्या होंगे, आइए इन सवालों के जवाब जानते हैं-
प्राइम मिनिस्टर रिसर्च चेयर योजना क्या है?
यह योजना भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य विदेश में कार्यरत भारतीय मूल के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों को भारत के शीर्ष सरकारी विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों और राष्ट्रीय शोध प्रयोगशालाओं से जोड़ना है, जिससे वे देश में उच्च स्तरीय शोध और छात्रों का मार्गदर्शन कर सकें।
इस योजना के तहत चयनित शोधकर्ताओं को भारत के प्रमुख संस्थानों में अधिकतम 5 वर्ष तक रिसर्च करने का अवसर दिया जाएगा। यह योजना विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है ताकि वैश्विक अनुभव रखने वाले भारतीय विशेषज्ञ देश के शोध एवं नवाचार तंत्र को मजबूत बना सकें और नई पीढ़ी के शोधकर्ताओं का मार्गदर्शन कर सकें।
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क्या है आवेदन की अंतिम तिथि ?
प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर स्कीम 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 अगस्त 2026 कर दी गई है। पहले आवेदन की आखिरी तारीख 15 जुलाई 2026 थी, लेकिन शिक्षा मंत्रालय ने उम्मीदवारों को अधिक समय देने के लिए इसे एक महीने बढ़ा दिया है। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार अब 15 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। आवेदन केवल PMRC पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे और समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
- PMRC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- Apply Now या Submit Your Proposal पर क्लिक करें।
- Fellow या Host Institution के रूप में रजिस्ट्रेशन करें।
- ईमेल आईडी से अकाउंट बनाकर लॉग इन करें।
- आवेदन फॉर्म में व्यक्तिगत, शैक्षणिक और शोध से जुड़ी जानकारी भरें।
- CV, शोध कार्य, प्रकाशन और अन्य जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
- सभी जानकारी जांचने के बाद आवेदन ऑनलाइन सबमिट कर दें।
यह योजना सामान्य छात्रों के लिए नहीं है। इसमें विदेश में काम कर रहे भारतीय मूल के शोधकर्ता, वैज्ञानिक और प्रोफेशनल्स आवेदन कर सकते हैं जिन्हें भारत के शीर्ष संस्थानों में रिसर्च करने का अवसर दिया जाएगा।
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फोलेशिप योजना में क्या-क्या है?
प्राइम मिनिस्टर रिसर्च चेयर (PMRC) योजना के तहत तीन प्रकार की फेलोशिप दी जाती हैं। इनका वर्गीकरण उम्मीदवार के PhD के बाद के अनुभव के आधार पर किया जाता है।
- Young Research Fellow
पीएचडी के बाद 0 से 5 वर्ष से कम का अनुभव।
यह श्रेणी शुरुआती करियर के शोधकर्ताओं के लिए है। - Senior Fellow
पीएचडी के बाद 5 से 10 वर्ष से कम का अनुभव।
यह मध्यम स्तर के अनुभवी शोधकर्ताओं के लिए है। - Research Chair
पीएचडी के बाद 10 वर्ष या उससे अधिक का अनुभव।
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योजना में कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी?
इस योजना के तहत चयनित शोधकर्ताओं को उनकी श्रेणी के अनुसार फेलोशिप, रिसर्च ग्रांट, आवास एवं चिकित्सा भत्ता, स्थानांतरण सहायता और संस्थान के लिए ओवरहेड फंड दिया जाएगा। यंग रिसर्च फेलो को लगभग 4 करोड़ रुपये तक का फंड दिया जाएगा, सीनियर फेलो को लगभग 6.5 करोड़ रुपये तक का फंड दिया जाएगा और रिसर्च चेयर को लगभग 14 करोड़ रुपये तक का फंड मिलेगा।
किन क्षेत्रों में रिसर्च की जा सकती है ?
PMRC योजना के तहत शोधकर्ता देश के लिए महत्वपूर्ण 13 क्षेत्रों में रिसर्च कर सकते हैं।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- सेमीकंडक्टर तकनीक
- क्वांटम टेक्नोलॉजी
- साइबर सुरक्षा
- जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology)
- स्वास्थ्य और चिकित्सा
- जलवायु परिवर्तन
- स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा
- अंतरिक्ष विज्ञान
- उन्नत सामग्री (Advanced Materials)
- कृषि और खाद्य सुरक्षा
- समुद्री और महासागर विज्ञान
- स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, नई तकनीक
