देश के कई हिस्सों में मानसून के दौरान बारिश और बाढ़ की वजह से लोगों को भारी नुकसान होता है। कई बार घरों में पानी भर जाता है, गाड़ियां डूब जाती हैं और फसलें भी खराब हो जाती हैं। ऐसे में अगर आपने बीमा (इंश्योरेंस) कराया है तो समय पर क्लेम करके अपने आर्थिक नुकसान की भरपाई कर सकते हैं। हालांकि कई लोगों को यह नहीं पता होता कि बाढ़ के बाद बीमा क्लेम कैसे किया जाता है और इसके लिए किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। अगर आप भी ऐसी स्थिति में हैं तो यहां बीमा क्लेम से जुड़ी प्रक्रिया मौजूद है। 

 

अगर आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी में बाढ़ से होने वाले नुकसान का कवरेज शामिल है तो उससे हुए नुकसान की भरपाई की जा सकती है। आपको बता दें कि आपको क्लेम तभी आसानी से मिलेगा जब आपकी पॉलिसी में यह सुविधा हो और क्लेम सही तरीके से किया जाए। इसलिए अगर मानसून के दौरान आपके घर, गाड़ी या दूसरी बीमित संपत्ति को नुकसान होता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले नुकसान की फोटो और वीडियो जैसे सबूत जुटाएं और बिना देरी किए बीमा कंपनी को इसकी जानकारी दें। ऐसा करने से आपका क्लेम जल्दी और आसानी से मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

 

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सबसे पहले बीमा कंपनी को दें जानकारी

बाढ़ से नुकसान होने के बाद जितनी जल्दी हो सके अपनी बीमा कंपनी को इसकी जानकारी दें। ज्यादातर कंपनियां 24 से 48 घंटे के भीतर सूचना देने की सलाह देती हैं। आप कस्टमर केयर, मोबाइल ऐप, ईमेल या नजदीकी ब्रांच के जरिए क्लेम दर्ज करा सकते हैं। क्लेम दर्ज होने के बाद आपको एक क्लेम रेफरेंस नंबर दिया जाता है जिसे संभालकर रखना होता है।

नुकसान के सबूत जरूर रखें

क्लेम मिलने में सबसे ज्यादा मदद नुकसान के सबूत करते हैं। इसलिए घर, गाड़ी, दुकान या अन्य सामान की फोटो और वीडियो जरूर लें। नुकसान वाली चीजों को सर्वेयर के आने से पहले फेंके या पूरी तरह ठीक न कराएं। अगर किसी वजह से तुरंत मरम्मत करानी पड़े तो उसकी फोटो और बिल अपने पास रखें।

ये दस्तवेज तैयार रखें

  • बीमा पॉलिसी की कॉपी
  • आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र
  • नुकसान की फोटो और वीडियो
  • बैंक खाते की जानकारी
  • क्लेम फॉर्म
  • वाहन का क्लेम होने पर आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस
  • जरूरत पड़ने पर पुलिस रिपोर्ट या स्थानीय प्रशासन का प्रमाण

सर्वेयर की रिपोर्ट के बाद होगा फैसला

क्लेम दर्ज होने के बाद बीमा कंपनी एक सर्वेयर भेजती है। वह मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करता है। सर्वेयर की रिपोर्ट और आपके दस्तावेजों के आधार पर बीमा कंपनी क्लेम पर फैसला लेती है। अगर सभी दस्तावेज सही हों, तो क्लेम का निपटारा जल्दी हो सकता है।

 

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इन बातों का रखें ध्यान

  • क्लेम करने में देरी न करें।
  • पॉलिसी में फ्लड कवर शामिल है या नहीं यह पहले ही जांच लें।
  • गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज देने से क्लेम रद्द हो सकता है।
  • बीमा कंपनी के सर्वेयर के आने तक नुकसान हुए सामान में बिना जरूरत कोई बदलाव या मरम्मत न करें

अगर क्लेम रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें?

अगर आपको लगता है कि बीमा कंपनी ने गलत तरीके से क्लेम खारिज किया है तो पहले कंपनी के शिकायत निवारण विभाग में शिकायत करें। अगर वहां से समाधान नहीं मिलता है, तो आप IRDAI के Integrated Grievance Management System (IGMS) या बीमा लोकपाल (Insurance Ombudsman) के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं।