केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के किसानों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को अगले पांच साल यानी साल 2030-31 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के विस्तार के लिए सरकार ने 3.15 लाख करोड़ रुपये के बजट को तय किया है जिससे देश के 9 करोड़ से ज्यादा किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। इस बात की जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी है।
इस योजना की शुरुआत साल 2019 में की गई थी। इसका मुख्य मकसद देश के अन्नदाताओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उनकी मदद करना है। इस योजना के तहत देश के हर एक किसान परिवार को हर साल पूरे 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह सारा पैसा सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजा जाता है। यह रकम साल में तीन बार यानी हर चार महीने पर 2,000 रुपये की किस्त के रूप में किसानों के खातों में जमा होती है।
यह भी पढ़ें: ITR से KYC तक, 1 अगस्त से बदल जाएंगे ये नियम, अभी से कर लें तैयारी
अब तक बांटी गई पूरी रकम
इस योजना की अब तक पूरे 23 किस्तें आ चुकी हैं। इन सभी किस्तों के जरिए 4.47 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की विशाल राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है। हाल ही में जो 23वीं किस्त आई थी, उसका फायदा देश के 9.49 करोड़ से ज्यादा किसानों को मिला था। अकेले इस 23वीं किस्त में सरकार ने 18,984 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम बांटी थी। इसके अलावा जब देश में कोरोना महामारी का बहुत मुश्किल समय आया था, तब भी सरकार ने किसानों की मदद के लिए 1.71 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि बांटी थी ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।
इस योजना से देश की महिला किसानों को भी बहुत बड़ा फायदा पहुंचाया गया है। अब तक इस योजना के माध्यम से देश की महिला किसानों को कुल 1.06 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम मिल चुकी है। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो इस योजना में हर चार लाभार्थियों में से लगभग एक लाभार्थी महिला किसान है जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है।
पैसे मिलने का समय
इस योजना के आगे बढ़ने से उन सभी किसानों को राहत मिली है जो इसकी अगली यानी 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे थे। इस योजना की 24वीं किस्त इसी साल अक्टूबर के महीने में आ सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार इस किस्त को अक्टूबर में आने वाले नवरात्रि के त्योहार के समय किसानों के खातों में भेज सकती है, ताकि त्योहार के दिनों में किसानों को पैसों की मदद मिल सके।
जो भी किसान इस योजना का लगातार और बिना किसी रुकावट के लाभ लेना चाहता है उसके लिए ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य किया गया है। किसान अपना ई-केवाईसी बहुत ही आसान तरीकों से पूरा कर सकते हैं। इसमें ओटीपी वाला तरीका, फिंगरप्रिंट या बायोमेट्रिक वाला तरीका और चेहरे की पहचान वाला फेस ऑथेंटिकेशन तरीका शामिल है। इसके अलावा इस योजना का सारा काम ठीक से चलाने के लिए एक 'पीएम-किसान वेब पोर्टल' भी बनाया गया है जहां देश भर के किसानों का रजिस्ट्रेशन, डेटा वेरिफिकेशन और पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है।
यह भी पढ़ें: RBI ने ब्याज को लेकर बदले नियम, आप पर असर क्या होगा?
प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम-किसान योजना के साथ-साथ 'प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना' को भी अपनी मंजूरी दे दी है। इस नई योजना का मुख्य मकसद देश में पानी पर तैरने वाले सोलर प्लांट यानी फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक की क्षमता को तेजी से बढ़ाना है। इस योजना के तहत सरकार ने अगले पांच सालों में देश में 5,000 मेगावाट सोलर प्लांट क्षमता बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा है जो अभी की लगभग 700 मेगावाट क्षमता से सात गुना से भी ज्यादा है।
