देशभर में आरक्षण को लेकर चर्चा हो रही है और इस चर्चा के बीच भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब सरकारी नौकरियों का दायरा कम हो रहा है और निजी क्षेत्र बढ़ रहा है, तो आरक्षण का लाभ प्राइवेट सेक्टर में भी मिलना चाहिए। उनके इस बयान के बाद आरक्षण को लेकर बहस नए सिरे से शुरू हो चुकी है और बीजेपी के लिए अब इसका जवाब देना मुश्किल हो गया है। उमा भारती का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

 

उमा भारती का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है उसमें वह कह रही हैं कि प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'सारा प्राइवेट सेक्टर को सौंप दिया है, जब तक प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण नहीं मिलेगा, क्या मिलेगा?' उन्होंने कहा कि सब कुछ तो प्राइवेट सेक्टर को सौंप दिया है, सारी जमीनें प्राइवेट सेक्टर को दे दी गई हैं।

 

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प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की मांग

उमा भारती ने कहा कि जब सब कुछ प्राइवेट सेक्टर के पास है तो फिर प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में महिलाओं को लेकर 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव आ जाएगा और ऐसे में प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण की मांग होनी चाहिए। उमा भारती अपने समर्थकों के साथ बातचीत के दौरान यह बात कहती हैं। 

पहले भी कर चुकी हैं मांग

उमा भारती इससे पहले भी प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की मांग कर चुकी हैं। 2022 में EWS आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर यह मांग उठाई थी। उन्होंने कहा था कि ओबीसी वर्ग को आरक्षण देने के साथ ही आरक्षण व्यवस्था प्राइवेट सेक्टर में भी लागू की जानी चाहिए। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि सभी गरीबों की एक ही जात है कि वह गरीब है। 

अब क्यों उठा है आरक्षण का मुद्दा?

आरक्षण का मुद्दा ऐसे समय में फिर गरमा गया है, जब पिछले दिनों दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ के नाम से प्रदर्शन हुआ। 21 अगस्त 2026 को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ जुटे और आरक्षण की व्यवस्था में बदलाव की मांग की। इसके बाद यूपी के डिप्टी सीएम से प्रदर्शनकारियों ने मुलाकात की और कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से भी प्रदर्श के नेताओं की मुलाकात हुई। इसके बाद से आरक्षण को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। दूसरी तरफ राहुल गांधी लगातार सत्ता पक्ष पर आरक्षण के खिलाफ काम करने के आरोप लगा रहे हैं। 

 

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क्या फंस गई बीजेपी?

उमा भारती का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में आरक्षण को लेकर नए सिरे से बहस शुरू हो गई है। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के छात्र आंदोलन के बाद आरक्षण हटाओ मुहिम सोशल मीडिया पर शुरू की गई और प्रदर्शन भी किया गया। विपक्षी नेता बीजेपी पर आरक्षण के मुद्दे को लेकर पहले ही हमला करते रहे हैं। बीजेपी आरक्षण के खिलाफ नहीं बोल रही लेकिन उमा भारती का बयान राहुल गांधी की राजनीति को ज्यादा शूट करता है। यानी वह राहुल गांधी की मांग को ही दोहरा रही हैं। ऐसे में यह बयान बीजेपी के लिए मुश्किल बन सकता है और आरक्षण पर बहस को तेज कर रहा है।