दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन अब लगातार जोर पकड़ता जा रहा है। भारी संख्या में युवा जंतर-मंतर पर पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों में युवा प्रदर्शन कर रहे हैं और यह प्रदर्शन अब तक हुए तमाम प्रदर्शनों से कई मायनों में अलग है। इस आंदोलन में Gen-Z की क्रिएटिविटी देखने को मिल रही है। गंभीर बातों को भी सोशल मीडिया की भाषा में रखा जा रहा है। पुलिस के डंडों और पानी की बौछारों से बचने के बजाय युवा पुलिस से पूछ रहे हैं कि डंडों और पानी की व्यवस्था है या नहीं। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अब एक नया गाना बनाया है जिसमें डीजे वाले बाबू प्रोटेस्ट वाला गाना लगा दो जैसे शब्द हैं और युवा इन गानों पर नाच रहे हैं। 

 

सोशल मीडिया पर गाना वायरल हो रहा है। इसमें गाने के बोल हैं, 'पुलिस वाले बाबू मुझे डंडा लगादो, दिल से जो आवाज उठी उसको कैसे दबादो। जंतर मंतर टू एम फ्रीडम इज एवरीवहेयर। डीजे वाले बाबू प्रोटेस्ट वाला गाना लगादो, पूरी रात हम नाचेंगे, सच की बीट बजादो।' इस तरह के गानों पर युवा जमकर नाच रहे हैं और अपना विरोध दर्ज करवा रहे हैं। 

 

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गाने में संदेश

इस गाने के बोल हैं कि ना हम रुकने वाले ना हम झुकने वाले। मूनलाइट के नीचे हम हैं आवाज उठाने वाले। इससे साफ संदेश देने की कोशिश है कि युवा झुकने वाला नहीं है। इसके साथ ही इस प्रोटेस्ट में युवा मजे लेते हुए अपना विरोध दर्ज करवा रहे हैं और आजादी-आजादी के नारे लगा रहे हैं। 

वायरल हो रहे ट्रेंड

यह आंदोलन सोशल मीडिया पर एक व्यंग के रूप में शुरू हुआ और आज दिल्ली की सड़कों पर सरकार की नाक में दम कर दिया है। युवा अपने तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। पोस्टर में युवाओं की क्रिएटिविटी देखने को मिल रही है। युवा सोशल मीडिया की ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं जिन्हें पुलिस भी नहीं समझ पा रही है। 

 

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लगातार जारी है प्रदर्शन

इस प्रदर्शन को एक महीने से ज्यादा का समय हो गया है। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद यह प्रदर्शन और ज्यादा बढ़ गया। इसके बाद से भारी संख्या में युवा यहां पहुंच रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी जमकर वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। युवा प्रदर्शनकारी प्रदर्शन करने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं।