सोशल मीडिया पर एक नवजात बच्चे का वीडियो वायरल है। इसमें बच्चे की पूरी मूंछ दिख रही है। बच्चे की प्रतिक्रिया ने इंटरनेट यूजर्स को खूब हंसा रखा है। दुनियाभर से लोग की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। दावा किया गया कि यह बच्चा इक्वाडोर में जन्मा है। वीडियो वायरल होने के बाद बच्चे की तस्वीर पर अलग-अलग मीम बनने लगे। किसी ने सुप्रीम लीडर बना दिया तो किसी ने मिलिट्री यूनिफॉर्म पहना दी।

 

एक यूजर ने लिखा कि यह बच्चा इस एप पर मौजूद आधे वयस्कों की तुलना में जिंदगी के लिए अधिक तैयार लगता है। जन्म के समय ही मूंछें आ गईं, जबकि कुछ आदमी 30 साल के होने पर भी मूंछें नहीं उगा पाते। कुदरत ने सच में कुछ लोगों को अधिक ही पसंद किया है। एक अन्य ने लिखा, भाई पैदा होते ही पहले दिन मीम बन गया, क्या लेजेंड है।

 

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क्या नकली है वीडियो?

एक्सपर्ट का मानना है कि यह वीडियो नकली जैसा लग रहा है, क्योंकि बच्चे के चेहरे और सिर की हरकतों से मूंछ की मूवमेंट मैच नहीं होती है। उनका तर्क है कि बच्चे के हिलने और हरकतें करने पर हल्की चमक दिखती है। बच्चा जब हिलता है तो मूंछों के किनारे पर कुछ अजीब सी हरकत होती है, जो बाकी हावभाव से मैच नहीं होती है। वहीं अस्पताल के कमरे के अंदर की लाइटिंग बच्चे के चेहरे और बाल पर पड़ने वाले लाइट से अलग दिखती है। अब आशंका जताई जा रही है कि शायद किसी ने एआई टूल या किसी अन्य एडिटिंग सॉफ्टवेयर से यह छेड़छाड़ की हो। गौर से देखने पर पता चलता है कि मूंछे बेहद काली और बाल मोटे हैं, जबकि आमतौर पर बच्चों में पाए जाने वाले बाल रोएं की तरह होते हैं।

 

 

 

क्या मूंछों के साथ पैदा हो सकते हैं बच्चे?

एक्सपर्ट के मुताबिक बच्चों में मुलायम और पतले बाल उग सकते हैं। इन्हें लैनुगो कहा जाता है। अक्सर यह बाल जन्म के बाद गायब हो जाते हैं। कई बार देखा गया कि बच्चों के कान, चेहरे और पीठ के आसपास बाल रह जाते हैं। ये बाल बेहद पतले होते हैं। वीडियो की प्रमाणिकता अभी तक साबित नहीं हुई है। किसी अस्पताल ने भी इस संबंध में कोई बयान नहीं दिया है। 

ग्रोक ने वीडियो के बारे में क्या बताया?

एक्स के ग्रोक एआई ने वीडियो के सत्यता के बारे में पूछने पर जवाब दिया कि आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बने वीडियो आंखों से देखने पर लगभग असली वीडियो से अलग नहीं लगते। इस वायरल क्लिप का कोई पुष्ट स्रोत अस्पताल, डॉक्टर या परिवार नहीं है। कई रिपोर्टों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के फिल्टर के विशिष्ट लक्षण बताए गए हैं।

 

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ग्रोक ने आगे बताया कि बच्चे के हिलने-डुलने पर मूंछें फड़कती या हिलती हैं, साथ ही सपाट बनावट जो असली रोशनी को नजरअंदाज करती है। नवजात शिशुओं में आमतौर पर हल्के, अस्थायी बाल (लगभग 30%) होते हैं, जो कुछ हफ्तों में गायब हो जाते हैं, लेकिन वयस्कों जैसी घनी मूंछें कभी नहीं होतीं। दुर्लभ हाइपरट्राइकोसिस (अत्यधिक बाल उगना) होता है, लेकिन यह बहुत कम देखने को मिलता है। दिखने में भी अलग होता है। यह वीडियो अप्रमाणित है और संभवतः इसमें बदलाव किया गया है।