#bhagwan vishnu

धर्म-कर्म
नारद ही क्यों कहलाते हैं ब्रह्मा के मानस पुत्र? कथा नारद के जन्म की
ब्रह्मा जी के मानस पुत्र कहे जाने वाले नारद मुनि का जन्म कैसे हुआ इसके पीछे की कथा लोगों के बीच बहुत प्रचलित है। आइए जानते हैं नारद मुनि से जुड़ी पौराणिक कथाओं में क्या बताया गया है।
धर्म-कर्म
लिंगराज मंदिर: जहां एक ही शिवलिंग में होती है भगवान शिव और विष्णु की पूजा
ओडिशा के भुवनेश्वर में स्थित लिंगराज मंदिर अपनी स्थापत्य कला की वजह से पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में भगवान लिंगराज हरिहर रूप में विद्यमान हैं।
धर्म-कर्म
कब है शरद पूर्णिमा? पूजा से विधि तक, हर सवाल का जवाब
हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का खास महत्व है और इस दिन कोजागरी पूजा होता है। इस साल हिंदू पंचाग के अनुसार, शरद पूर्णिमा 6 अक्टूर की दोपहर में शुरू होगी।
धर्म-कर्म
पापाकुंशा एकादशी की कथा क्या है, कैसे व्रत-पूजन करें?
हिंदू मान्यता के अनुसार, पापाकुंशा एकादशी का व्रत करने से पापों से मुक्ति मिलती है। इस दिन व्रती भगवान विष्णु की पूजा करते हैं।
धर्म-कर्म
सबरीमाला मंदिर: भगवान अय्यप्पा का यह मंदिर खास क्यों है?
करेल में स्थित सबरीमाला मंदिर की मान्यता पूरे देश में प्रसिद्ध है। यह मंदिर भगवान अय्यप्पा को समर्पित है।
धर्म-कर्म
BAPS मंदिर: जानें अबू धाबी में बनें हिंदू मंदिर की विशेषता
अबू धाबी का भव्य बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर खाड़ी देशों का सबसे बड़ा मंदिर है। आइए जानते हैं इस मंदिर की खासियत और विशेषताएं।
धर्म-कर्म
मुक्तिनाथ धाम: हिंदू और बौद्ध संस्कृति के लिए खास क्यों है?
नेपाल के मस्टैंग में स्थित मुक्तिनाथ धाम हिंदू और बौद्ध दोनों ही धर्मों के लिए महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र माना जाता है। यहां भगवान शालिग्राम की पूजा की जाती है।
धर्म-कर्म
गंडक नदी: मंदिर से निकले पत्थरों की पूजा क्यों होती है?
पुराणों में गंडक नदी का धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से बहुत बड़ा महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस नदी के तट पर आज भी भगवान शालिग्राम की शिलाएं मिलती है।
धर्म-कर्म
नेपाल का प्रभुनाथ मंदिर: राम-सीता ने यहां यज्ञ क्यों किया?
नेपाल के प्यूठान जिले में स्थित प्रभुनाथ मंदिर अपनी अध्यात्मिकता और प्राकृतिक सुंदरता को लेकर बहुत प्रसिद्ध है। आइए जानते हैं इस मंदिर की विशेषता, पौराणिक कथा और महत्व।
धर्म-कर्म
किन रूपों में लिया था विष्णु जी ने अवतार, क्या था उद्देश्य
आमतौर पर लोग भगवान विष्णु के दशावतार की चर्चा करते हैं लेकिन भागवत पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में उनके कुल 24 अवतारों का उल्लेख किया गया है।
धर्म-कर्म
क्यों विष्णु जी ने लिया था भू वराह अवतार, कहां होती है पूजा?
तमिलनाडु के कड्डलोर में स्थित श्रीमुष्णम स्वामी मंदिर भगवान विष्णु के तीसरे अवतार वराह को समर्पित है। आइए जानते हैं विष्णु जी ने वराह अवतार क्यों धारण किया था।
धर्म-कर्म
विष्णु शतनाम स्तोत्र: इसमें छिपे हैं भगवान विष्णु के 100 नाम
भगवान विष्णु की उपासना के लिए विष्णु शतनाम स्तोत्र को बहुत ही पुण्यदायी माना जाता है। आइए जानते हैं इस स्तोत्र कि महिमा और अर्थ।
Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies
CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap











