कुछ साल पहले तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भविष्य की तकनीक माना जाता था, लेकिन अब यह जॉब मार्केट की मौजूदा समय में सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। टेक कंपनियों से लेकर बैंकिंग, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग, मीडिया और सरकारी संस्थानों तक AI आधारित काम तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी बदलाव का असर एजुकेशन और प्लेसमेंट पर भी दिखाई देने लगा है। AI और उससे जुड़े कोर्स करने वाले छात्रों के लिए नौकरी के अवसर बढ़ रहे हैं और कई संस्थानों में इन क्षेत्रों से जुड़े कोर्स बेहतर प्लेसमेंट देने वाले विकल्प बनकर सामने आए हैं।

 

करियर एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब सिर्फ डिग्री नहीं बल्कि स्किल आधारित पढ़ाई ज्यादा मायने रख रही है। ऐसे में AI से जुड़े कोर्स छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुए हैं क्योंकि इनकी मांग कई सेक्टर में एक साथ दिखाई दे रही है। कई ट्रेडिशनल कोर्स के साथ भी AI को इंटिग्रेट किया गया है। हालांकि, कुछ जानकारों का कहना है कि केवल AI सीखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि डेटा, प्रोग्रामिंग, समस्या समाधान और प्रैक्टिकल नॉलेज भी उतनी ही जरूरी है। ऐसे में बच्चों के दिमाग में सवाल है कि वह किस कोर्स को कर सकते हैं जिससे उन्हें AI सेक्टर में जॉब मिल सके। 

 

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बीटेक इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग

इंजीनियरिंग संस्थानों में AI और मशीन लर्निंग आधारित स्पेशलाइजेशन सबसे तेजी से बढ़ने वाले कोर्स में गिने जा रहे हैं। इस कोर्स में मशीन लर्निंग मॉडल, ऑटोमेशन, डेटा प्रोसेसिंग और एल्गोरिदम पर काम कराया जाता है। कोर्स पूरा करने के बाद छात्र AI इंजीनियर, मशीन लर्निंग इंजीनियर और ऑटोमेशन से जुड़े रोल्स में अवसर तलाश सकते हैं।

डेटा साइंस और एनालिटिक्स

AI की पूरी दुनिया डेटा पर आधारित मानी जाती है। इसलिए डेटा साइंस आज सबसे ज्यादा मांग वाले क्षेत्रों में शामिल है। इस कोर्स में डेटा को समझना, उसका विश्लेषण करना और उससे निर्णय लेने वाले मॉडल तैयार करना सिखाया जाता है। कंपनियां ऐसे प्रोफेशनल चाहती हैं जो डेटा को बिजनेस समाधान में बदल सकें।

कंप्यूटर साइंस के साथ AI स्पेशलाइजेशन

कई विश्वविद्यालय अब पारंपरिक कंप्यूटर साइंस के साथ AI आधारित स्पेशलाइजेशन भी दे रहे हैं। यह उन छात्रों के लिए विकल्प बन रहा है जो सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और AI दोनों क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं। इसमें प्रोग्रामिंग, सिस्टम डिजाइन और AI एप्लिकेशन का मिश्रण देखने को मिलता है।

रोबोटिक्स और इंटेलिजेंट सिस्टम्स

रोबोटिक्स को अब केवल इंडस्ट्रियल मशीनों तक सीमित नहीं माना जाता। AI के साथ इसका उपयोग हेल्थकेयर, ऑटोमेशन, लॉजिस्टिक्स और स्मार्ट सिस्टम्स में बढ़ रहा है। इस कोर्स में सेंसर, मशीन इंटेलिजेंस और ऑटोमेटेड सिस्टम्स पर काम कराया जाता है। पिछले कुछ सालों से इसकी मांग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और लोग इसे भविष्य की तकनीक कह रहे हैं। 

AI एथिक्स और AI एप्लिकेशन आधारित कोर्स

AI का विस्तार जितनी तेजी से हुआ है, उतनी ही तेजी से जिम्मेदार उपयोग और नीति से जुड़े सवाल भी बढ़े हैं। इसी वजह से AI एथिक्स, डेटा गवर्नेंस और जिम्मेदार तकनीक से जुड़े कोर्स भी चर्चा में आ रहे हैं। कई संस्थान अब AI को केवल तकनीकी विषय नहीं बल्कि सामाजिक और व्यावसायिक संदर्भों के साथ पढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।

 

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स्किल भी बनेगी असली ताकत

एक्सपर्ट्स के अनुसार, आने वाले समय में AI आधारित नौकरियां बढ़ सकती हैं, लेकिन कंपनियां सिर्फ सर्टिफिकेट नहीं देखेंगी। प्रोजेक्ट, इंटर्नशिप, प्रोब्लम को हल करने की क्षमता, प्रोग्रामिंग और रियल लाइफ अनुभव भी चयन में अहम भूमिका निभाएगा। इसी वजह से छात्र कोर्स चुनते समय केवल नाम नहीं बल्कि उसके सिलेबस, इंडस्ट्री कनेक्शन और सीखने के अवसरों को भी समझें। इतना साफ है कि AI आने वाले समय में जॉब मार्केट में बड़े बदलाव करने वाला है।