साउथ फिल्म इंडस्ट्री जो आज के हिंदी सिनेमा की फिल्मों को कड़ी टक्कर दे रही है। साउथ की फिल्मों की कहानी और अभिनेताओं की एक्टिंग दर्शकों को बेहद पसंद आती है। इसी के साथ साउथ इंडस्ट्री में जिन हीरो की उम्र 70 पार हो चुकी है, उनके बारे में दर्शकों का क्रेज कम नहीं हुआ है। चिरंजीवी 71 साल के हो चुके हैं, जबकि रजनीकांत 75 साल के हो चुके हैं। इन दोनों अभिनेताओं की फैन फॉलोइंग कम नहीं हुई। इनके जैसे कई अभिनेताओं की फिल्में आज भी सिनेमाघरों में रिलीज होती हैं, जिन्हें देखने के लिए लाखों दर्शक सिनेमाघरों में खिंचे चले जाते हैं। जहां एक तरफ बॉलीवुड में बुजुर्ग एक्टर्स को फिल्मों में बतौर हीरो का रोल देने पर दर्शक सवाल उठाते हैं, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण भारत में लाखों दर्शक बुजुर्ग हीरो पर मेहरबान हैं।
साउथ फिल्मों के सुपरस्टार चिरंजीवी ने 22 अगस्त को 71वां जन्मदिन मनाया था। इस जन्मदिन पर उन्होंने अपने दर्शकों के लिए अपनी नई फिल्म का टीजर शेयर किया था। 2027 के जनवरी महीने में चिरंजीवी की नई फिल्म 'काका' रिलीज होने वाली है, जिसे देखने के लिए लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म में चिरंजीवी मुख्य किरदार में नजर आएंगे। रजनीकांत की नई फिल्म 'जेलर 2' अक्टूबर महीने में रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में 75 साल के रजनीकांत हीरो के तौर पर नजर आने वाले हैं। जहां एक तरफ लोगों ने 70 से ज्यादा की उम्र के हीरो को स्वीकार किया है, वहीं दूसरी तरफ कोई भी ऐसी अभिनेत्री नहीं है जो 70 की उम्र होने के बावजूद फिल्मों में मेन लीड रोल में दिखी हो। अब सवाल उठता है कि आखिर क्या वजह है कि दक्षिण भारत के लोग बुजुर्ग हीरो पर मेहरबान हैं?
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बुजुर्ग हीरो पर लोग क्यों हैं मेहरबान?
साउथ फिल्मों में हर सुपरस्टार की एक्टिंग का तरीका बाकी अभिनेताओं से अलग होता है। रजनीकांत का बालों का स्टाइल, भौंहें उठाकर बात करना, साथ ही फिल्मों की स्टोरी के हिसाब से उनकी दमदार एक्टिंग ने दर्शकों के दिलों में जगह बना ली है। साउथ की कई फिल्मों में एक आम व्यक्ति की कहानी दिखाई जाती है, जिसमें लोगों की असल परंपरा को पर्दे पर दिखाया जाता है। जिस वजह से हीरो को लोग खुद से जोड़ पाते हैं। लोग असल एक्टर से ज्यादा उनकी बनाई हुई छवि के दीवाने बन जाते हैं। इसी वजह से आज के दौर में चिरंजीवी और रजनीकांत के कल्ट फैन हैं, जो उनकी बढ़ती उम्र के साथ बढ़ते जा रहे हैं।
साउथ के मशहूर अभिनेता सिनेमा के साथ राजनीतिक जुड़ाव भी रखते हैं। आज के समय में विजय थलपति एक हीरो रह चुके हैं और इस वक्त तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन गए हैं। इसके साथ ही चिरंजीवी और रजनीकांत राजनीतिक पार्टियों से जुड़े हैं, जो आम जनता की समस्या और लोगों के मुद्दों पर बोलने से कतराते नहीं हैं। राजनीति से जुड़ने की वजह से लोग इन हीरोज को असली हीरो से कम नहीं मानते हैं। राजनीति में जुड़ने की वजह से अभिनेताओं की लोकप्रियता बढ़ी है। हालांकि बॉलीवुड में 70 से ज्यादा उम्र के अभिनेताओं को हीरो का रोल न के बराबर मिलता है। अब सवाल उठता है कि साउथ इंडस्ट्री में बुजुर्ग हीरो को फिल्मों में मेल लीड रोल कैसे मिल जाता है?
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अभिनेता को क्यों मिलता है लीड रोल?
दक्षिण भारत में लोग रजनीकांत और चिरंजीवी को देखने के लिए बेसब्री से इंतजार करते हैं। उतनी ही खुशी से फिल्में देखने सिनेमाघरों में जाते हैं। फैंस को भरोसा रहता है कि रजनीकांत की फिल्म अच्छी होगी। इसी भरोसे के साथ लाखों लोग फिल्म देखने जाते हैं, जिससे फिल्में करोड़ों की कमाई करती हैं। इसी वजह से फिल्मों के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर बुजुर्ग अभिनेताओं को फिल्मों में लीड रोल देते हैं, ताकि फिल्मों की अच्छी कमाई हो सके।
