बॉलीवुड की हिंदी फिल्म 'बंटवारा 1947' जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। यह पहली फिल्म नहीं है, जिसमें भारत और पाकिस्तान के बंटवारे से जुड़ी कहानी बयां की गई है। हिंदी सिनेमा में बंटवारे से जुड़ी कुछ और फिल्में भी बनाई जा चुकी हैं। उन फिल्मों में भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के दर्दनाक पहलुओं को दिखाया गया है, जिन्हें देखकर न सिर्फ भारतीय लोगों, बल्कि पाकिस्तान के दर्शकों की भी आंखें नम हुई थीं।

 

'बंटवारा 1947' फिल्म 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म का निर्देशन आमिर खान ने किया है, जिन्होंने दर्शकों को बंटवारे के दौरान की कुछ अनसुनी कहानियां दिखाने की कोशिश की है। जानकारी के लिए बता दें कि इस फिल्म में सनी देओल मुख्य किरदार के तौर पर नजर आने वाले हैं। हिंदी सिनेमा जगत में 'ट्रेन टू पाकिस्तान' से लेकर 'पिंजर' तक कुछ खास फिल्में हैं, जिन्हें आप भी बंटवारे का दर्द महसूस करने के लिए देख सकते हैं।

 

यह भी पढ़ें: फिल्मी दुनिया में नहीं चमकी किस्मत, राजनीति में उतरते ही बदल गई तकदीर

बंटवारे से जुड़ी फिल्में

 

1.गर्म हवा

 

यह फिल्म 1973 में रिलीज हुई थी, जिसमें बेहद सादगी से विभाजन और बंटवारे के दौरान लोगों की कठिनाइयों को व्यक्त किया गया है। इस फिल्म के किरदार और फिल्म की कहानी ने हिंदी सिनेमा में एक खास जगह बनाई है। 'गर्म हवा' फिल्म में एक मुस्लिम परिवार की कहानी और उसके आपसी द्वंद्व को दर्शाया गया है।

 

भारत के इतिहास में एक वक्त ऐसा भी था, जब आगरा देश की राजधानी था। इसी आधार पर फिल्म में आगरा के मिर्जा परिवार की कहानी दिखाई गई है, जहां हमीद मिर्जा और सलीम मिर्जा दो भाई हैं। दोनों भाइयों का एक पुश्तैनी मकान है। हमीद मिर्जा मुस्लिम पार्टी में नेता हैं, जबकि सलीम जूते की फैक्ट्री के मालिक हैं। सलीम की बेटी अमीना, हमीद के बेटे कासिम से बेइंतहा प्रेम करती है।

 

यह भी पढ़ें: देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हुआ निधन, 70 की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

 

फिल्म में दर्दनाक मोड़ तब आता है, जब देश के बंटवारे के दौरान कासिम पाकिस्तान चला जाता है। इस बंटवारे में दोनों भाइयों के बीच दरार आ जाती है। वहीं दूसरी तरफ प्रेम से बिछड़ने के बाद अमीना आत्महत्या कर लेती है। इस फिल्म के एक सीन ने लोगों की आंखें नम कर दी थीं।

 

2. हे राम

 

यह फिल्म साल 2000 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। 'हे राम' फिल्म सिर्फ हिंदी ही नहीं, बल्कि तमिल भाषा में भी रिलीज हुई थी। इस फिल्म में काम करने वाले मुख्य अभिनेता शाहरुख खान और कमल हासन थे। इस फिल्म को कमल हासन ने डायरेक्ट किया था। 'हे राम' फिल्म को न सिर्फ फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था, बल्कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला था।

 

इस फिल्म की कहानी की बात करें तो इसमें भारत की आजादी, देश के संघर्ष और गांधी जी की मौत की घटना को दिखाया गया है। उसके बाद फिल्म में दिखाया गया है कि बंटवारे के दौरान लोगों की जान गई थी। फिल्म के पात्र कमल हासन की पत्नी अपर्णा की हत्या कर दी जाती है। इस फिल्म को बनाने से पहले कमल हासन ने लगभग 17 साल तक रिसर्च की थी। इस फिल्म में शाहरुख और कमल हासन की एक्टिंग ने लोगों का दिल जीत लिया।

 

यह भी पढ़ें: जन्नत जुबैर और अली गोनी ने जीत लिया 'लाफ्टर शेफ्स सीजन 3', खास क्या रहा?

 

3. पिंजर

 

यह फिल्म एक कल्ट ड्रामा फिल्म है। यह फिल्म 24 अक्टूबर 2003 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, जिसे उस दौरान लोगों ने बेहद पसंद किया था। इस फिल्म के मुख्य पात्रों में मनोज बाजपेयी हैं। साथ ही उर्मिला मातोंडकर, ईशा कोप्पिकर, संदली सिन्हा और कुलभूषण खरबंदा ने भी एक्टिंग की है। फिल्म का निर्देशन चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने किया है।

इस फिल्म में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे की त्रासदी भरी काल्पनिक कहानी बताई गई है।

 

4. ट्रेन टू पाकिस्तान

 

यह फिल्म खुशवंत सिंह के 1956 में लिखे उपन्यास की कहानी पर आधारित है। 'ट्रेन टू पाकिस्तान' फिल्म में 1947 में हुए विभाजन की कहानी बयां की गई है। फिल्म में भारत और पाकिस्तान के बॉर्डर के पास के एक गांव की कहानी दिखाई गई है। 'ट्रेन टू पाकिस्तान' फिल्म में शशि कपूर और शबाना आजमी ने शानदार एक्टिंग की थी।

 

यह भी पढ़ें: टीवी इतिहास के सबसे लंबे सफर वाले शो, 20 साल बाद भी बरकरार है इनका जलवा

 

फिल्म में दिखाया गया कि जब भारत-पाकिस्तान का बंटवारा हुआ, तब मुस्लिम समुदाय के लोग पाकिस्तान की तरफ जा रहे थे, जबकि पाकिस्तान से सिख समुदाय के लोग भारत की तरफ आ रहे थे। इस दौरान पाकिस्तान से एक ट्रेन आई थी, जिसमें लोग नहीं बल्कि लोगों के शव आते हैं। फिल्म में लोगों को हत्याओं के खौफनाक मंजर दिखाए गए, जिसे देखकर हर दर्शक की आंखें नम हो गई थीं।

 

5. 1947 अर्थ

 

यह फिल्म भी भारत-पाकिस्तान के बंटवारे की कहानी बयां करती है। '1947 अर्थ' फिल्म 1998 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म में मुख्य किरदार की भूमिका आमिर खान ने निभाई थी। इस फिल्म में सिर्फ पाकिस्तान और भारत के बंटवारे की कहानी नहीं दिखाई गई, बल्कि फिल्म में रोमांस और ड्रामा भी दिखाया गया है।