शेखर सुमन का एक वीडियो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है, जहां उन्होंने एक शो में राजा की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि राजा ने आईना तोड़ दिया ताकि उसे सच्चाई का सामना न करना पड़े, जिसको लेकर कांग्रेस पार्टी के एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर कर सवाल पूछा गया कि वह राजा कौन है। शो के बाद शेखर ने एक इंटरव्यू में अपने राजनीतिक करियर के बारे में बताया कि वह एक भूल थी। शेखर सुमन ने कहा कि पार्टी जॉइन करना उनकी गलती थी। इन्हीं बयानों की वजह से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई।
शेखर सुमन के इस टॉक शो का नाम 'शेखर टुनाइट' है। इस शो में शेखर सुमन राजनीति से जुड़े लोगों को लेकर व्यंग्य करते हैं। शो के पहले एपिसोड में उन्होंने एक भाषण दिया था। इस भाषण में उन्होंने राजनीति के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहा था। हालांकि, उन्होंने शो को लेकर एक इंटरव्यू दिया, जहां उन्होंने राजनीति के बारे में बात की थी। जानकारी के लिए बता दें कि शेखर सुमन ने 2011 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जिसमें वह बीजेपी से हार गए थे।
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क्या बीजेपी में शामिल होना एक गलती थी?
जब इंटरव्यूअर ने सवाल किया कि 'शेखर टुनाइट' में नितिन गडकरी भी आए थे, तो क्या पार्टी के पूर्व सदस्य होने के नाते शो में बीजेपी के नेताओं को लाना आसान है? इसके जवाब में शेखर सुमन ने कहा, 'मैं सिर्फ 24 घंटे के लिए बीजेपी का सदस्य था।'
इसके बाद शेखर ने कहा, 'कभी-कभी हमारे सामने ऐसी चुनौतियां आ जाती हैं, जिनकी वजह से हम गलत फैसले ले लेते हैं। मेरे साथ ऐसा दो बार हुआ है, जब मुश्किलों में फंसकर मैंने वह काम किया जो मैं नहीं करना चाहता था।' इस बयान से साफ संदेश मिलता है कि शेखर बीजेपी पार्टी में शामिल नहीं होना चाहते थे। इस बयान के जरिए शेखर सुमन ने साफ किया कि उनकी पहली गलती बीजेपी में शामिल होना था।
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क्या मजबूरी में जॉइन की थी कांग्रेस पार्टी?
इंटरव्यू में शेखर सुमन ने बताया कि उन्होंने 2011 में मजबूरी के कारण कांग्रेस पार्टी जॉइन की थी। इसी पर शेखर सुमन ने कहा, 'जब मैंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था, तो वह मेरी मजबूरी थी। मैं चुनाव लड़ना नहीं चाहता था। वह सिर्फ एक मेंबरशिप रोल था, वहां कोई फुल-टाइम राजनीतिक भूमिका नहीं थी।'


