नाना पाटेकर की अचानक मृत्यु के बाद हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में दुख का माहौल है। उनकी मृत्यु के बाद उनके करियर और निजी जीवन से जुड़े किस्से-कहानियां फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। नाना पाटेकर ने हिंदी फिल्मों में अपनी शानदार एक्टिंग के जरिए अमिट पहचान बनाई थी। इन सबके बीच रोचक बात यह है कि नाना पाटेकर का जीवन जितना लाइमलाइट में रहा, उनका परिवार उतना ही लाइमलाइट से दूर रहा। नाना पाटेकर के इकलौते बेटे मल्हार ने बतौर एक्टर कभी काम नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने फिल्ममेकिंग और असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया।
नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर को गोवा में कार्डियक अरेस्ट की वजह से निधन हो गया। उन्होंने 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। नाना पाटेकर के निधन की जानकारी उनके बेटे मल्हार ने ही दी थी। जानकारी के लिए बता दें कि मल्हार नीलकांति और नाना पाटेकर के बेटे हैं।
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क्या काम करते हैं मल्हार पाटेकर?
मल्हार पाटेकर ने अपने निजी जीवन को कभी सार्वजनिक नहीं किया। इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें फिल्मों में रुचि नहीं थी। वह बस पर्दे के सामने काम करने के बजाय पर्दे के पीछे काम करना चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने फिल्ममेकिंग में करियर बनाया। उन्होंने कुछ फिल्मों में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। भले ही उन्होंने जवानी में एक्टिंग करियर नहीं चुना, लेकिन बचपन में उन्होंने कुछ फिल्मों में बतौर चाइल्ड एक्टर काम किया था।
बचपन में की थी फिल्म में एक्टिंग
मल्हार 1991 में रिलीज हुई फिल्म 'प्रहार द फाइनल अटैक' में बतौर चाइल्ड एक्टर नजर आए थे। इस फिल्म के डायरेक्टर नाना पाटेकर ही थे। इस फिल्म में नाना पाटेकर ने भी काम किया था, इसलिए मल्हार अपने पिता के साथ नजर आए थे। इसके बाद मल्हार किसी अन्य फिल्म में नजर नहीं आए।
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मल्हार ने राम गोपाल वर्मा की फिल्म 'द अटैक्स ऑफ 26/11' में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया था। इसके बाद 2014 में रिलीज हुई फिल्म 'द लिटिल गॉडफादर' में मल्हार सपोर्टिंग रोल में दिखाई दिए थे। इस फिल्म में अंगद बेदी अहम किरदार निभाते नजर आए थे।
