1980 के दशक में कराची की गलियों से सियासी गलियारों तक मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) के संस्थापक अल्ताफ हुसैन की तूती बोलती थी। तीन दशक तक अल्ताफ हुसैन ने कराची पर राज किया। जो भी सामने आया उसको साफ कर दिया। अब लंदन में बैठे लल्ताफ हुसैन ने अपनी ही देश की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने एक वीडियो संदेश में पाकिस्तान सकार को पाक अधिकृत जम्मू और कश्मीर में तुरंत जुल्म बंद करने की मांग की।
चेतावनी भरे स्वर में अल्ताफ हुसैन ने कहा कि अगर पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर में सैन्य एक्शन लिया गया तो आग पूरे पाकिस्तान में भड़क सकती है। पाकिस्तान की स्थिरता और अस्तित्व को खतरा पैदा हो सकता है। अल्ताफ हुसैन ने टिकटॉक पर अपने चाहने वालों और अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इसी दौरान पीओके के मौजूदा हालात पर चर्चा की।
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बल का इस्तेमाल तुरंत बंद करें: अल्ताफ हुसैन
अल्ताफ ने कहा कि पीओके के अलग-अलग हिस्सों और रावलाकोट में पाकिस्तान सेना से जुड़ी घटनाओं के बारे में लोगों ने बताया। कश्मीर में बल का उपयोग तुरंत बंद होना चाहिए। अगर पाकिस्तान कश्मीर में सैन्य कार्रवाई नहीं रोकता है और दमन जारी रखता है तो पाकिस्तान का अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता है।
'कश्मीरियों का है कश्मीर'
हुसैन ने कहा, 'कश्मीर कश्मीरियों का है। अब कश्मीरियों ने सर्वसम्मत फैसला किया है कि कश्मीर उनका ही रहेगा। पिछले आठ दशकों से कश्मीरियों ने अन्याय का सामना किया है।' अल्ताफ हुसैन ने पाकिस्तान सेना पर मौलिक हथियारों का हनन और आम नागरिकों पर बल प्रयोग करने का आरोप लगाया।
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कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा नहीं: अल्ताफ
अल्ताफ हुसैन ने आगे कहा, 'यह सर्वमान्य तथ्य है कि संवैधानिक और कानूनी रूप से आजाद कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है, जो लोग यह दावा करते हैं कि आजाद कश्मीर पाकिस्तान में शामिल हो गया है, वह बिल्कुल गलत है। खुद पाकिस्तान सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में कह चुकी है कि आजाद कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। अगर वह पाकिस्तान का हिस्सा होता तो पाकिस्तान में चार नहीं पांच सूबे होते।'
अल्ताफ का आरोप है कि पाकिस्तान की सरकार बलूचिस्तान में ठीक ऐसी ही नीतिया अपना चुका है। इससे बलूचिस्तान में पाकिस्तान का शासन कमजोर हुआ। उन्होंने अपने ही देश के लोगों पर हो रहे अत्याचार को रोकने की अपील की। उनका कहना है कि पाकिस्तान पहले ही अन्याय और अत्याचार से बंट चुका है। पाकिस्तान के साथ अतीत की गलतियां न दोहराएं।
