कनाडाई कवियत्री और निबंधकार ऐनी कार्सन (76) को साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला है। 8 अक्टूबर यानी आज स्टॉकहोम में स्वीडिश अकादमी ने यह घोषणा की। समिति ने ऐनी कार्सन के साहसिक और नवोन्मेषी कार्यों की प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने शास्त्रीय परंपरा के साथ चंचल संवाद स्थापित करते हुए समकालीन साहित्य के नए रूप का सृजन किया है। इसी कारण उन्हें यह पुरस्कार दिया जा रहा है।

 

ऐनी कार्सन का जन्म साल 1950 में कनाडा के टोरंटो में हुआ। उन्होंने प्रिंसटन, न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय और मॉन्ट्रियल के मैकगिल विश्वविद्यालय समेत तमाम शिक्षण संस्थानों में क्लासिक्स पढ़ाया। अंग्रेजी भाषा में 20 से अधिक किताबें लिखीं। उनकी कविताओं और निबंधों में प्राचीन ग्रीक साहित्य और पौराणिक कथाओं की छाप मिलती है। इसके अलावा दुनियाभर में उनकी तारीफ कविता और गद्य साहित्य की सीमाओं को धुंधला करने के लिए होती है। उन्होंने प्राचीन कृतियों को नई शैली में अनुवादित किया। साहित्य के एक नए रूप का सृजन किया।

 

यह भी पढ़ें: क्या भिड़ जाएंगे चीन और फिलीपींस? सैन्य तैनाती बढ़ी; भारत का एंगल भी समझिए

साहित्य का नोबेल जीतने वालीं 19वीं महिला

क्लासिक्स की प्रोफेसर ऐनी कार्सन साहित्य क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार पाने वालीं दुनिया की 19वीं महिला बनी हैं। हालांकि अब तक दुनियाभर के 123 साहित्यकारों को यह पुरस्कार मिल चुका है। स्वीडिश अकादमी की स्थायी सचिव इंग्रिड कार्लबर्ग ने जब ऐनी कार्सन से संपर्क किया तो वह आइसलैंड में थी। उन्होंने बताया कि विजेता बनने पर वह बेहद आश्चर्यचकित थीं।  

ऐनी कार्सन की प्रमुख रचनाएं

ग्लास एंड गॉड', 'डिक्रिएशन','इरोज द बिटरस्वीट', 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ रेड', 'मेन इन द ऑफ ऑवर्स' और 'नॉर्मा जीन बेकर ऑफ ट्रॉय' ऐनी कार्सन की प्रमुख रचनाएं हैं। ऐनी ने 'नॉक्स' नाम से एक शोकगीत भी लिखा है। उन्होंने यह रचना अपने बड़े भाई माइकल की याद में लिखी थी, जिनकी साल 2000 में कोपेनहेगन में मौत हो गई थी।

 

यह भी पढ़ें: यूक्रेन की 2 बसों पर रूस का ग्लाइड बस से अटैक, अब तक 30 की मौत; 18 घायल

बेवफा पति पर लिखी कविता

ऐनी कार्सन की रचना 'द ब्यूटी ऑफ द हसबैंड' बेहद चर्चित हुई। 29 कविताओं वाली इस रचना में ऐनी कार्सन एक महिला और उसके बेवफा पति के बीच विवाह टूटने की दास्तान सुनाती हैं। बता दें कि पिछले साल हंगरी के लेखक लास्लो क्रास्नाहोरकाई को साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला था। शुक्रवार को शांति का नोबेल पुरस्कार घोषित किया जाएगा। सोमवार को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिया जाएगा।